इम्फाल: मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हाल ही में हुई आगजनी की घटना के बाद उपजे तनाव को कम करने के उद्देश्य से, कुकी और नागा समुदाय के शीर्ष नेताओं ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण शांति बैठक आयोजित की। यह बैठक एक दिन पहले के. सोंगलुंग (भाग-II) गांव में हुए हमले के मद्देनजर बुलाई गई थी, जिसे कथित तौर पर एक नागा उग्रवादी समूह द्वारा अंजाम दिया गया था।
नेताओं की संयुक्त अपील: 'अफवाहों पर ध्यान न दें'
बैठक के बाद 'कुकी इनपी मणिपुर' और 'यूनाइटेड नागा काउंसिल' ने एक संयुक्त बयान जारी कर गांव में घरों को जलाने की घटना की कड़ी निंदा की। दोनों संगठनों ने कहा कि इस घटना ने न केवल संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया है, बल्कि स्थानीय निवासियों के बीच डर का माहौल भी पैदा कर दिया है।
शांति और सौहार्द की अपील करते हुए, दोनों समुदायों के नेताओं ने आम जनता से धैर्य बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने विशेष रूप से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक जानकारी और अफवाहों को लेकर चेतावनी दी। बयान में स्पष्ट कहा गया, "झूठी खबरें और अनावश्यक पोस्ट केवल अविश्वास को गहरा करते हैं और समुदायों के बीच तनाव पैदा करते हैं, इसलिए इनसे बचा जाना चाहिए।"
जेयूएफ (ZUF) ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस बीच, उग्रवादी संगठन 'जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट' (ZUF) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन का दावा है कि यह कार्रवाई अवैध अफीम की खेती, नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध प्रवासियों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ उनके अभियान का हिस्सा है।
जेयूएफ ने अपने बयान में कहा कि ये गतिविधियां "जेलियांग्रोंग इनपुई नागा लोगों के पैतृक और ऐतिहासिक क्षेत्र" के भीतर हो रही थीं। संगठन के अनुसार, बार-बार सार्वजनिक चेतावनी देने के बावजूद जब कोई सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने केवल उन फार्महाउसों और अवैध ढांचों को नष्ट किया है, जिनका उपयोग कथित तौर पर अफीम की खेती के लिए किया जा रहा था।
अल्टीमेटम और बंद की चेतावनी
इस हमले पर कुकी-ज़ो संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। 'कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी' ने इसे गंभीर उकसावे वाली कार्रवाई बताते हुए मणिपुर सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने मांग की है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो 27 जनवरी की आधी रात से 28 जनवरी की आधी रात तक दो राष्ट्रीय राजमार्गों पर "पूर्ण बंद" (Total Shutdown) लागू किया जाएगा।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रस्तावित हाइवे नाकाबंदी को वापस लिया जाएगा या यह तय कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।
चुराचांदपुर में छात्र रैली: "हमें सरकार नहीं, समाधान चाहिए"
इसी बीच, तीन कुकी-ज़ो छात्र संगठनों ने 28 जनवरी को चुराचांदपुर जिले में एक "शांतिपूर्ण रैली" निकालने की घोषणा की है। इस रैली का मुख्य नारा है— "हमें राजनीतिक समाधान चाहिए, सरकार नहीं।"
संयुक्त बयान में छात्र संगठनों ने कहा कि यह रैली उन रिपोर्टों पर चिंता व्यक्त करने के लिए है, जिनमें पुरानी राजनीतिक मांगों को संबोधित किए बिना जल्द ही एक लोकप्रिय सरकार के गठन की बात कही जा रही है। उन्होंने दोहराया कि उनका उद्देश्य अपनी लंबित शिकायतों के लिए एक ठोस राजनीतिक समाधान की मांग करना है।
राजनीतिक मायने
गौरतलब है कि मणिपुर में 13 फरवरी, 2025 से राष्ट्रपति शासन लागू है। हाल के हफ्तों में राज्य में जल्द ही नई सरकार के गठन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, जिसके बीच यह ताज़ा घटनाक्रम सामने आया है।
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