मोबाइल की EMI नहीं चुकाई तो फाइनेंस कंपनी ने बिकवाया युवक का खून, बंधक बनाकर करवाए घरेलू काम

लखनऊ में प्राइवेट फाइनेंस कंपनी पर गुंडागर्दी का आरोप. मोबाइल की EMI नहीं चुकाने पर युवक का खून बिकवाया, 4 दिन तक बंधक बनाकर करवाए घरेलू काम।
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उत्तर प्रदेश: राजधानी लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों ने मोबाइल की ईएमआई (EMI) न चुकाने पर एक युवक को अपना खून बेचने के लिए मजबूर कर दिया।

बात यहीं खत्म नहीं हुई, आरोपियों ने कर्ज की रकम वसूलने के लिए उसे बंधक बनाकर घरेलू नौकर की तरह काम भी करवाया। लखनऊ पुलिस ने गुरुवार को इस अमानवीय कृत्य में शामिल दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिकेत सिंह और सुशांत शर्मा के रूप में हुई है। वहीं, इस पूरे उत्पीड़न में शामिल तीसरे आरोपी शुभम सिंह की तलाश अभी जारी है। पुलिस ने फरार शुभम पर 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की है।

लखनऊ के डीसीपी (दक्षिण) मोहम्मद मुश्ताक ने मीडिया को इस पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 सितंबर को कुछ लोग युवक को उसके घर से जबरन उठा ले गए थे।

पीड़ित की मां ने इस घटना को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मां की इसी शिकायत के आधार पर 14 सितंबर को मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने अपनी जांच शुरू की।

डीसीपी के मुताबिक, जांच के दौरान पुलिस टीम ने कॉल डिटेल्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों की पहचान फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों के रूप में की। इसके बाद अनिकेत और सुशांत को दबोच लिया गया, जबकि शुभम भागने में कामयाब रहा।

पीड़ित की पहचान नेवल के रूप में हुई है, जो लखनऊ के बाहरी इलाके निगोहां थाना क्षेत्र के राजारामखेड़ा गांव का रहने वाला है। नेवल ने जुलाई के अंत में एक स्थानीय दुकान से 21,500 रुपये का एक मोबाइल फोन खरीदा था।

गोमती नगर स्थित एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी ने इस रकम को एक साल के लिए 2,799 रुपये की मासिक ईएमआई पर फाइनेंस किया था। नेवल के पास नौकरी या आय का कोई नियमित साधन नहीं था, फिर भी उसे लोन दे दिया गया।

बेरोजगारी के कारण नेवल अपनी पहली मासिक किस्त भी नहीं चुका सका। किस्त न मिलने पर 8 सितंबर को रिकवरी एजेंट अनिकेत और शुभम नेवल के घर पहुंचे और उसे अपने साथ जबरदस्ती ले गए।

आरोप है कि वे उसे सीधे एक ब्लड बैंक ले गए, जहां उन्होंने जबरन उसका एक यूनिट खून दान करवाया और उससे मिले पैसे खुद रख लिए। खून बिकवाने के बाद नेवल को शुभम के घर ले जाया गया।

वहां उसे चार दिनों से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया और घरेलू नौकर की तरह सारे काम करने के लिए मजबूर किया गया। पुलिस के अनुसार, शुभम और अनिकेत ने नेवल को तब छोड़ा जब उन्होंने उसके भाई राजकुमार से एक महीने की EMI वसूल कर ली।

इस गंभीर मामले में पुलिस अब आगे की जांच कर रही है। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच के दौरान ब्लड बैंक और फाइनेंस कंपनी की कोई भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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