2027 के रण में दौड़ लगाने को तैयार अखिलेश यादव का ‘पीडीए रथ’, नए अवतार में लखनऊ पहुंचा

2024 के लोकसभा चुनाव में मिली प्रचंड सफलता के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव अपने लकी 'पीडीए रथ' के साथ 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव का शंखनाद करने को तैयार हैं।
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2027 के यूपी चुनाव के लिए अखिलेश यादव का कस्टमाइज्ड 'समाजवादी पीडीए रथ' लखनऊ पहुंच गया है।
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लखनऊ: वर्ष 2024 के आम चुनाव में मिली अभूतपूर्व कामयाबी के बाद समाजवादी पार्टी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भी अपने उसी विजयी फॉर्मूले पर दांव लगाने जा रही है। पार्टी ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भी लोकसभा चुनाव की अपनी सबसे चर्चित थीम ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ को बरकरार रखने का फैसला किया है। इसी रणनीति के तहत सपा प्रमुख अखिलेश यादव का चुनावी रथ यानी उनकी विशेष प्रचार बस पूरी तरह नए कलेवर में राजधानी लखनऊ पहुंच चुकी है।

यह प्रचार वाहन सपा मुख्यालय के पास नए लाल रंग के आवरण में देखा गया है, जिसे पार्टी अध्यक्ष के अंतिम निरीक्षण और अनुमोदन के लिए लाया गया है। यदि अखिलेश यादव इसमें कोई बदलाव आवश्यक समझेंगे, तो उसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

सियासी सफर पर नजर डालें तो अखिलेश यादव ने पहली बार इस कस्टमाइज्ड बस का इस्तेमाल 2017 के विधानसभा चुनाव प्रचार में किया था। उसके बाद से हर चुनाव में नए नारों और नई टैगलाइन के साथ यही बस चुनावी समर में उतरती रही है। वर्ष 2017 में इसका नाम ‘समाजवादी विकास रथ’ था, जो 2022 के विधानसभा चुनाव में ‘समाजवादी विजय यात्रा’ के रूप में नजर आया। इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने इसे ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ का रूप दिया और अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भी इसी नाम को कायम रखा गया है।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सपा मुखिया की पूरे राज्य में सीधे तौर पर किसी लंबी रथ यात्रा निकालने की योजना नहीं है। इसके बजाय एक ही जिले के भीतर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं और रोड शो के दौरान इस ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ रथ का व्यापक इस्तेमाल किया जाएगा।

गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने सामाजिक न्याय और जाति जनगणना के एजेंडे को मुख्य आधार बनाकर पीडीए यात्रा निकाली थी। उस दौरान ‘संविधान बचाओ’ का नारा न केवल प्रचार सामग्री बल्कि इस विशेष बस पर भी प्रमुखता से अंकित था। इस रणनीति के दम पर सपा ने लोकसभा चुनाव में 37 सीटें जीतकर अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया था। पार्टी 2027 में भी इसी प्रदर्शन को दोहराने के इरादे से मैदान में उतर रही है।

चुनावी रैलियों की विस्तृत समय-सारिणी अभी तय होना बाकी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व नवंबर माह से पूरी ताकत के साथ अभियान की शुरुआत कर सकता है। इससे पहले सपा प्रमुख अपने विभिन्न प्रकोष्ठों और आनुषांगिक संगठनों द्वारा आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलनों व जनसभाओं को संबोधित करेंगे। इनमें समाजवादी अधिवक्ता सभा, समाजवादी शिक्षक सभा, समाजवादी व्यापार सभा, आंबेडकर वाहिनी और पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ जैसे संगठन प्रमुख रूप से शामिल हैं।

नए रूप में सजे इस रथ के दोनों किनारों पर ‘समाजवादी पीडीए यात्रा’ अंकित है और इसके नीचे पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक का उल्लेख किया गया है। बस के एक तरफ सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ ‘सामाजिक न्याय का परचम लहराएगा, PDA ही परिवर्तन लाएगा’ का प्रभावशाली नारा लिखा है।

इसके साथ ही वाहन पर डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. राम मनोहर लोहिया, जनेश्वर मिश्र और बेनी प्रसाद वर्मा जैसे कद्दावर नेताओं के चित्र भी प्रमुखता से लगाए गए हैं। तकनीकी रूप से सुसज्जित इस बस में एक विशेष एलिवेटर चैंबर लगा है, जो एक बार में दो लोगों को छत पर बने मंच तक ले जा सकता है। रात के समय या सूर्यास्त के बाद जनसभाओं को संबोधित करने के लिए इसमें आधुनिक पब्लिक एड्रेस सिस्टम और फ्लड लाइट्स की व्यवस्था की गई है, जबकि भीतर सभी बुनियादी सुविधाएं मौजूद हैं।

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