
लखनऊ: लखनऊ विश्वविद्यालय के सुभाष हॉस्टल में रविवार दोपहर बीए (प्रथम वर्ष) के 19 वर्षीय एक छात्र का शव उसके कमरे की छत से लटकता हुआ पाया गया। इस दुखद घटना के बाद हॉस्टल परिसर में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
मृतक छात्र की पहचान बलिया निवासी नवीन कुमार के रूप में हुई है, जो दलित समुदाय से था। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत इतिहास, हिंदी और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई कर रहा था। वह अपने तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। जानकारी के मुताबिक, वह 19 फरवरी को अपने घर गया था और 26 फरवरी को वापस लखनऊ लौट आया था। रविवार को उसकी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में ऑफिस अटेंडेंट पद की प्रतियोगी परीक्षा होनी थी, जिसमें उसे शामिल होना था।
दोपहर तक नहीं खुला दरवाजा, तो हुई अनहोनी की आशंका
हॉस्टल में रहने वाले अन्य छात्रों ने बताया कि रविवार सुबह करीब 8 बजे उन्होंने नवीन के कमरे का दरवाजा खटखटाया था। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने सोचा कि शायद वह सो रहा है। दोपहर 12:30 बजे जब छात्रों ने फिर से कोशिश की और कोई हलचल नहीं हुई, तो उन्होंने तुरंत हॉस्टल के प्रोवोस्ट महेंद्र कुमार को इसकी सूचना दी।
कमरे का दृश्य और पुलिस की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को बुलाया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन की मौजूदगी में जब कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, तो नवीन का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। पुलिस के अनुसार, कमरे की छत करीब 15 फीट ऊंची थी, इसलिए फंदे तक पहुंचने के लिए छात्र ने अपने बिस्तर के ऊपर स्टडी टेबल रखी थी। घटना के वक्त कमरे में संगीत बज रहा था और उसका मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगा हुआ था। पुलिस ने पूरे कमरे की तलाशी ली, लेकिन वहां से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ।
महानगर क्षेत्र के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) अंकित कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का ही मामला प्रतीत होता है। उन्होंने जानकारी दी कि छात्र कथित तौर पर कुछ समय से डिप्रेशन (अवसाद) में था। घटना के वक्त नवीन का रूममेट होली मनाने के लिए अपने गांव गया हुआ था। फिलहाल शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। परिवार की ओर से अब तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।
तनाव में था छात्र, लापता भी हुआ था
साथ रहने वाले छात्रों के अनुसार, नवीन बेहद शांत स्वभाव का था और पिछले कुछ समय से तनाव में दिख रहा था। छात्रों ने पुलिस को बताया कि हाल ही में वह अपना फोन बंद करके दो दिनों के लिए कहीं चला गया था। जब वह वापस लौटा, तो उसने अपने लापता होने का कोई कारण भी स्पष्ट नहीं किया था।
मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया जा रहा है कि पुलिस मान रही है कि आर्थिक तंगी और पारिवारिक समस्याएं इस खौफनाक कदम के पीछे की एक वजह हो सकती हैं। हॉस्टल लौटने से पहले नवीन ने अपने परिवार को भरोसा दिलाया था कि वह रविवार को होने वाली प्रतियोगी परीक्षा में जरूर बैठेगा, लेकिन परीक्षा के दिन ही उसकी जीवन लीला समाप्त हो गई।
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