पाखंड पर प्रहार, सामाजिक न्याय की हुंकार: एमपी के छतरपुर में DPSS-ASP की संकल्प सभा में उमड़ा जनसैलाब

संकल्प यात्रा के तहत बुंदेलखंड में दिखा जनसमर्थन, शिक्षा और संवैधानिक अधिकारों पर दिया जोर
पाखंड पर प्रहार, सामाजिक न्याय की हुंकार: एमपी के छतरपुर में DPSS-ASP की संकल्प सभा में उमड़ा जनसैलाब
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भोपाल। मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड की धरती पर रविवार को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की हुंकार सुनाई दी, जब आजाद समाज पार्टी-भीम आर्मी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं डीपीएसएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव मंडल ने छतरपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। सभा में हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक जुटे। सभा स्थल पर सुबह से ही लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था, जिससे पूरा क्षेत्र नीले झंडों और सामाजिक न्याय के नारों से गूंज उठा। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे कार्यक्रम ने राजनीतिक ही नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी व्यापक प्रभाव छोड़ा।

आडंबर, पाखंड और जातिवाद पर सीधा प्रहार

अपने तीखे और बेबाक अंदाज़ में दामोदर यादव मंडल ने सामाजिक व्यवस्था में व्याप्त आडंबर, पाखंड और जातिवाद पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सदियों से बहुजन समाज को शिक्षा और संसाधनों से दूर रखकर उसे हाशिए पर धकेला गया, लेकिन अब यह स्थिति बदलने वाली है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है और इसे केवल नारों से नहीं बल्कि संगठित जनशक्ति और संवैधानिक चेतना से जीता जाएगा।

उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को शिक्षा, सम्मान और समान अवसर नहीं मिलते, तब तक लोकतंत्र अधूरा रहेगा। अपने संबोधन में उन्होंने बार-बार संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि यही वह दस्तावेज है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है और इसी के सहारे बहुजन समाज आगे बढ़ सकता है।

यह जनसभा ‘संकल्प यात्रा’ के अंतर्गत आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में स्थापित कराना है। वक्ताओं ने कहा कि बाबा साहेब केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और समानता के प्रतीक हैं। ग्वालियर में उनकी प्रतिमा की स्थापना को बहुजन समाज अपने सम्मान और आत्मगौरव से जोड़कर देख रहा है।

यात्रा के बुंदेलखंड में प्रवेश के साथ ही इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। विभिन्न जिलों से कार्यकर्ता इसमें शामिल हो रहे हैं और इसे सामाजिक चेतना के अभियान के रूप में प्रचारित किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह केवल प्रतिमा स्थापना का आंदोलन नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के पुनर्स्मरण और सामाजिक समरसता का संदेश है।

यूजीसी बिल के समर्थन में रखे विचार

सभा के दौरान दामोदर यादव मंडल ने यूजीसी बिल के समर्थन में भी अपने विचार विस्तार से रखे। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सुधार आवश्यक हैं। उनके अनुसार उच्च शिक्षा को मजबूत किए बिना सामाजिक न्याय की अवधारणा अधूरी है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और प्रतिस्पर्धी दुनिया में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएं।

हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी शिक्षा सुधार का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उससे वंचित वर्गों को कितना लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सुधारों का प्रभाव सकारात्मक रूप से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

कार्यक्रम में पूर्व विधायक आरडी प्रजापति सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे। नेताओं ने अपने संबोधन में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आने वाले चुनावों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। सभा के दौरान संगठन विस्तार और सदस्यता अभियान को भी गति देने की बात कही गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि छतरपुर की यह सभा बुंदेलखंड क्षेत्र में पार्टी की सक्रियता और जनाधार को दर्शाती है। बड़ी संख्या में जुटी भीड़ ने यह संकेत दिया है कि सामाजिक न्याय और शिक्षा के मुद्दे क्षेत्र में प्रभावी रूप से उभर रहे हैं।

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