
नई दिल्ली: झारखंड के चतरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां 4 अगस्त को एक 15 वर्षीय दलित नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसे बंधक बनाने के आरोप में एक मुस्लिम युवक की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 10 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मृतक युवक की पहचान मोहम्मद इमरोज के रूप में हुई है। घटना की शुरुआत तब हुई जब 100 से 150 लोगों की एक उग्र भीड़ मंगलवार, 4 अगस्त को इमरोज के घर पहुंच गई। मृतक के पिता मोहम्मद सुल्तान द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, इस बेकाबू भीड़ ने उन पर नाबालिग लड़की को अपने घर में छिपाकर रखने का गंभीर आरोप लगाया था।
जब मोहम्मद सुल्तान ने इन आरोपों से साफ इनकार किया, तो भीड़ का गुस्सा भड़क उठा। उन्होंने सुल्तान को जबरन घर से बाहर खींचा और एक पेड़ से बांधकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। अपने पिता को इस तरह पिटता देख मोहम्मद इमरोज उन्हें बचाने के लिए दौड़ा।
हालाँकि, लाठी-डंडों और पत्थरों से लैस बेकाबू भीड़ ने इमरोज को ही अपना निशाना बना लिया और उस पर जानलेवा हमला कर दिया। इस नृशंस हमले में इमरोज गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसने दम तोड़ दिया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें ग्रामीण बुरी तरह से घायल इमरोज को घसीटते हुए नजर आ रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, पीड़ित नाबालिग लड़की सोमवार रात (2 अगस्त) को लापता हो गई थी और अगले दिन मिली। लड़की ने दावा किया था कि उसे इमरोज के घर में बंधक बनाकर रखा गया था, जिसके बाद यह पूरा हिंसक घटनाक्रम शुरू हुआ। हालांकि, अभी तक अपहरण और कथित दुष्कर्म के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस प्रशासन को फिलहाल लड़की की मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
सामने आ रही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मृतक इमरोज का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसे साल 2023 में भी एक दुष्कर्म के मामले में जेल भेजा गया था और फिलहाल वह उसी मामले में जमानत पर बाहर था।
इस पूरे मामले पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) देवलाल उरांव ने आधिकारिक जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मॉब लिंचिंग मामले में जिन 10 लोगों को शुरुआत में हिरासत में लिया गया था, उन्हें अब न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। बीडीओ ने यह भी स्पष्ट किया कि लड़की को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया है और प्रशासन आरोपों को लेकर किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस मेडिकल रिपोर्ट की प्रतीक्षा कर रहा है।
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