तेलंगाना के मशहूर तेलुगु कंटेंट क्रिएटर अजय राधा कुमार का इंस्टाग्राम अकाउंट बुधवार, 5 अगस्त को सस्पेंड कर दिया गया। उन पर इंस्टाग्राम की “Terms of Use on intellectual property” के उल्लंघन का आरोप लगा है। यह कार्रवाई एक हिंदुत्ववादी डिजिटल क्रिएटर द्वारा उनकी निजी जानकारी सार्वजनिक (डॉक्सिंग) किए जाने के ठीक एक दिन बाद हुई है।
न्यूजमिनट की रिपोर्ट के अनुसार, अजय एक 23 वर्षीय दलित क्रिएटर हैं, जिनके इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स थे। वह तेलुगु मीडिया स्पेस में अपने नारीवादी और अंबेडकरवादी विचारों को बेबाकी से रखने के लिए काफी लोकप्रिय हैं।
पिछले कुछ हफ्तों से अजय लगातार समसामयिक मुद्दों पर काफी मुखर थे। उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शनों और भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी को लेकर कई वीडियो पोस्ट किए थे। इसके अलावा, उन्होंने आंध्र प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों के निजीकरण और टीडीपी सरकार द्वारा डेटा केंद्रों को बढ़ावा देने की नीतियों की भी कड़ी आलोचना की थी।
विवाद की शुरुआत शनिवार, 1 अगस्त से हुई, जब टीडी राकेश शर्मा नामक एक हिंदुत्ववादी क्रिएटर ने अजय पर निशाना साधते हुए लगातार कई वीडियो बनाने शुरू किए। हैदराबाद में रहने वाले अजय का मानना है कि यह सब उनके उस वीडियो का नतीजा है, जिसमें उन्होंने सीजेपी के प्रदर्शन में इस्तेमाल हुए पोस्टरों पर सवाल उठाए थे।
उन विवादित पोस्टरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे को महिलाओं के शरीर पर मॉर्फ करके लगाया गया था। अजय ने अपने वीडियो में इस बात की कड़ी निंदा की थी कि प्रधानमंत्री की विफलता को दर्शाने के लिए महिला होने का मज़ाक उड़ाना पूरी तरह से सेक्सिस्ट मानसिकता को दर्शाता है।
इस वीडियो के जवाब में राकेश शर्मा ने एक और वीडियो जारी कर अजय को चुनौती दी कि वे चाहें तो पुलिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। राकेश ने उलटा अजय से सवाल किया कि वे पीएम मोदी को महिला के रूप में दिखाने को कैसे सही ठहरा सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि राकेश इस नतीजे पर कैसे पहुंचे, क्योंकि अजय ने अपने वीडियो में उन पोस्टरों का समर्थन नहीं, बल्कि विरोध ही किया था।
अजय का कहना है कि उन्होंने तेलुगु में अपनी बात रखी थी, लेकिन दक्षिणपंथी समर्थकों को उनका संदेश समझ में ही नहीं आया। इसके बाद रविवार, 2 अगस्त को राकेश ने एक और वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह पीएम मोदी और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण की आलोचना करने पर अजय के साथ गाली-गलौज करते नजर आए।
मामला सोमवार, 3 अगस्त को तब और ज्यादा बिगड़ गया, जब राकेश ने इंस्टाग्राम पर एक रील पोस्ट करके अजय पर महिलाओं को धोखा देने का गंभीर आरोप लगाया। वीडियो में राकेश ने दावा किया कि अजय लॉ कॉलेज की छात्राओं को निशाना बनाते हैं और उन्होंने भद्राचलम की एक हिंदू महिला को नास्तिक बना दिया है।
अजय ने इस दावे को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि जिस महिला की बात हो रही है, वह उनकी एक दोस्त है जिसकी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक विचारधारा है। राकेश ने अजय पर हिंदू विरोधी वीडियो बनाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां भी कीं। हद तो तब हो गई जब राकेश ने वीडियो में सार्वजनिक रूप से अजय का फोन नंबर भी शेयर कर दिया।
फोन नंबर लीक होने के बाद अजय को भारी मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। सोमवार शाम 6 बजे से रात 12:30 बजे के बीच ही उन्हें करीब 100-120 अज्ञात कॉल आए। लगातार आ रहे कॉल्स और मैसेजेस से परेशान होकर उन्हें नंबर ब्लॉक करने पड़े। अजय को सोशल मीडिया पर भेजे गए कई मैसेजेस में उन्हें और उनके परिवार को भद्दी गालियां दी गई थीं और सांप्रदायिक व जातिसूचक टिप्पणियां भी की गई थीं।
अपनी डॉक्सिंग पर बात करते हुए अजय ने बताया कि राकेश ने उनकी पहचान को लेकर कई भ्रामक दावे किए हैं। राकेश ने यह झूठ भी फैलाया कि अजय की मां जिला परिषद प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र (जेडपीटीसी) की सदस्य हैं, जबकि सच्चाई इससे कोसों दूर है।
अपनी निजी जानकारी सार्वजनिक होने और मिल रही धमकियों के बाद अजय ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए पंजागुट्टा पुलिस स्टेशन का रुख किया है। पुलिस ने उनकी शिकायत याचिका तो ले ली है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
दूसरी ओर, राकेश का अजय को निशाना बनाने का सिलसिला थमा नहीं है। उसने अजय पर महिलाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए और भी वीडियो पोस्ट किए हैं, जिनमें उनकी जाति को लेकर फिर से निशाना साधा गया है। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक राकेश द्वारा अजय को टारगेट करते हुए कुल 11 वीडियो पोस्ट किए जा चुके हैं।
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