वैश्विक बौद्ध पर्यटन के नक्शे पर चमकेगा बिहार: वैशाली में 11 दिसंबर से होगा पहले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का भव्य आयोजन

बिहार के वैशाली में 11 से 13 दिसंबर तक होगा राज्य का पहला अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन, जापान, म्यांमार और थाईलैंड समेत कई देशों के बौद्ध भिक्षु और विद्वान होंगे शामिल।
International Buddhist Conference, Vaishali
वैशाली में 11 से 13 दिसंबर तक पहले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का भव्य आयोजन।
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पटना: बिहार का ऐतिहासिक शहर वैशाली अपने पहले अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार है। आगामी 11 से 13 दिसंबर तक चलने वाले इस तीन दिवसीय भव्य आयोजन में कई देशों के प्रतिष्ठित बौद्ध विद्वान, भिक्षु और सांस्कृतिक प्रतिनिधिमंडल एक मंच पर जुटेंगे। इस खास कार्यक्रम का आयोजन वैशाली स्थित नवनिर्मित 'बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय सह स्मृति स्तूप' परिसर में किया जाएगा।

सम्मेलन की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए गुरुवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय अंतर-विभागीय बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में वैशाली के जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया। इसके साथ ही पर्यटन, कला एवं संस्कृति तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी इसमें शामिल हुए।

मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल और उसके आसपास के इलाकों में बेहतर सड़क संपर्क सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अलावा आयोजन के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति और स्वास्थ्य सुविधाओं की पुख्ता व्यवस्था करने को भी कहा गया है। किसी भी चिकित्सीय जरूरत से निपटने के लिए प्रमुख स्थानों पर विशेष मेडिकल टीमें और स्वास्थ्य केंद्र तैनात किए जाएंगे।

इस वैश्विक समागम में म्यांमार, थाईलैंड, लाओस, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे कई देशों के बौद्ध भिक्षुओं और आध्यात्मिक गुरुओं ने अपनी उपस्थिति के लिए सहमति दे दी है। इसके अतिरिक्त, दुनिया भर के 14 नामचीन अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के भी इस सम्मेलन में शिरकत करने की उम्मीद है।

देश-विदेश से आने वाले मेहमानों और आगंतुकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पटना हवाई अड्डे और पटना जंक्शन पर चौबीसों घंटे काम करने वाले सहायता डेस्क स्थापित किए जाएंगे। वहीं, प्रतिनिधियों और पर्यटकों के ठहरने के लिए वैशाली में एक विशाल टेंट सिटी का भी निर्माण किया जा रहा है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आयोजन के दौरान बौद्ध विरासत पर गहन चर्चा होगी और त्रिपिटक का पाठ किया जाएगा। इसके अलावा हेरिटेज वॉक और बिहार के पारंपरिक हस्तशिल्प को प्रदर्शित करने वाली एक खास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। कार्यक्रम को और आकर्षक बनाने के लिए बिहार, देश के अन्य हिस्सों तथा विदेश से आए कलाकार अपनी शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने भरोसा जताया है कि यह सम्मेलन वैश्विक बौद्ध पर्यटन और अध्यात्म के मानचित्र पर बिहार की स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने वैशाली प्रशासन और सभी संबंधित विभागों को तय समय सीमा के भीतर तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों और अन्य आगंतुकों का अनुभव पूरी तरह से निर्बाध और यादगार रहे।

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