मान्यवर कांशीराम के महापरिनिर्वाण दिवस पर मायावती का नमन: शोषितों को शासक वर्ग बनाने के संकल्प को दोहराया

बसपा सुप्रीमो ने कांशीराम जी की पुण्यतिथि पर बाबा साहेब के सपनों और यूपी में अपनी चार बार की सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों व कानून-व्यवस्था को किया याद।
Mayawati, Kanshi Ram
कांशीराम जी के महापरिनिर्वाण दिवस पर बसपा प्रमुख मायावती ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि।
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उत्तर प्रदेश: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने पार्टी के संस्थापक मान्यवर कांशीराम जी को उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने अपने संदेश में बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के कारवां को आगे बढ़ाने के लिए कांशीराम जी के अतुलनीय योगदान को याद किया।

मायावती ने अपने पोस्ट में इस बात पर जोर दिया कि दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य कमजोर तबकों को उनके वोट की ताकत के जरिए सत्ता की मास्टर चाबी दिलाना ही बहुजन समाज पार्टी का मुख्य उद्देश्य रहा है। उन्होंने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही यह परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में उनके नेतृत्व में चार बार बसपा की सरकार बनी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने आगे उल्लेख किया कि उनकी सरकारों के कार्यकाल के दौरान 'सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति' के ऐतिहासिक कार्य किए गए। महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायण गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संघर्षों को जमीनी स्तर पर उतारते हुए संविधान की मंशानुरूप कार्य किए गए।

मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि महापुरुषों की प्रेरणा से ही उत्तर प्रदेश में सर्वसमाज के हित में अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और जनहित के विकास कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ किए गए। उन्होंने इसे ही मान्यवर कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि करार दिया है।

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