
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक 27 वर्षीय मजदूर की पुलिस स्टेशन के वॉशरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस युवक को अल्पसंख्यक समुदाय की एक नाबालिग लड़की के अपहरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गुरुवार शाम को थाने के शौचालय में उसका शव फंदे से लटकता मिला, जिसे लेकर पुलिस का दावा है कि आरोपी ने आत्महत्या की है।
घटना के तुरंत बाद पुलिस उसे लेकर अस्पताल दौड़ी, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इस गंभीर मामले में लापरवाही बरतने पर हाथरस के पुलिस अधीक्षक (एसपी) चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने उस समय ड्यूटी पर मौजूद स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) और एक कॉन्स्टेबल को तत्काल सस्पेंड कर उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
अपहृत की गई लड़की 11वीं कक्षा की छात्रा है, जिसे पुलिस ने गाजियाबाद से सुरक्षित ढूंढ निकाला है। एसपी ने बताया कि रेस्क्यू के बाद नाबालिग को उचित देखभाल और निगरानी के लिए सरकारी बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, लड़की के पिता ने बीते 16 अप्रैल को एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल फोन के रिकॉर्ड खंगाले। इसी कॉल डिटेल के आधार पर चंद्रपाल नाम के इस मजदूर की पहचान हुई, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग के लगातार संपर्क में था।
गुरुवार को पुलिस ने लड़की को ट्रेस कर लिया और उसे वापस हाथरस ले आई। उसी शाम आरोपी चंद्रपाल को भी गिरफ्तार करके पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पुलिस का कहना है कि थाने में लड़की ने आरोपी के खिलाफ अपना बयान दर्ज कराया था और यह बात किसी तरह चंद्रपाल को पता चल गई थी।
पुलिस के मुताबिक, इस वाकये के कुछ देर बाद ही आरोपी ने शौचालय जाने की बात कही। लॉक-अप ड्यूटी पर तैनात एक अधिकारी उसे वॉशरूम तक ले गया। जब वह कई मिनटों तक बाहर नहीं आया, तो शक होने पर पुलिसकर्मी अंदर गया, जहां चंद्रपाल फंदे से लटकता हुआ मिला। इस घटना की सूचना तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पूरे पुलिस स्टेशन में हड़कंप मच गया।
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