
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के डेल्टा 1 सेक्टर में पिछले तीन दिनों से दूषित पानी की सप्लाई ने निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कथित तौर पर सीवर मिश्रित पानी पीने की वजह से सेक्टर के कम से कम 30 निवासियों ने पेट दर्द और दस्त (Loose motion) की शिकायत की है। हालांकि, ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने पानी की सप्लाई में सीवर का पानी मिलने के किसी भी सबूत से इनकार किया है।
निवासियों का आरोप- शिकायतों पर नहीं हुई कार्रवाई
डेल्टा 1 के रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के अध्यक्ष पंकज नागर ने मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा, "GNIDA में कई शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे पहले भी ए ब्लॉक के करीब 15 निवासी दूषित पानी पीने से बीमार पड़ चुके हैं।"
पीला पानी और बच्चों को डायरिया
मकान नंबर C 200 के निवासी विजय सिंह ने अपनी परेशानी साझा करते हुए बताया कि पिछले तीन दिनों से उनके घर में पीले रंग का पानी आ रहा है। उन्होंने कहा, "ऐसा लग रहा है जैसे पानी में सीवर का पानी मिल गया है। मेरे बच्चे डायरिया से पीड़ित हो गए हैं और आज मुझे उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।"
स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?
दनकौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक नारायण किशोर ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि स्वास्थ्य शिविर में बच्चों सहित कुल 30 लोगों की जांच की गई। उन्होंने कहा, "कम से कम 5 से 6 लोगों ने पेट दर्द की शिकायत की। प्रथम दृष्टया (Prima facie) ऐसा प्रतीत होता है कि वे दूषित पानी पीने से बीमार हुए हैं। मरीजों में लक्षण हल्के थे। हम कल फिर से यहां एक कैंप लगाएंगे।"
प्राधिकरण का पक्ष: 'सीवर मिक्सिंग का सबूत नहीं मिला'
बाद में, GNIDA ने एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने दूषित जलापूर्ति का तुरंत संज्ञान लिया और एक लीक पाइप की मरम्मत की। जल विभाग की एक टीम ने मौके का दौरा कर पानी का परीक्षण भी किया।
प्राधिकरण के बयान में कहा गया, "केवल एक घर में सप्लाई कनेक्शन में समस्या थी और एक अन्य स्थान पर पाइप में लीकेज पाया गया। दोनों स्थानों पर तुरंत मरम्मत कर दी गई, लेकिन पानी की आपूर्ति में सीवर मिलने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।"
विभाग ने जांच के लिए पानी के सैंपल भी इकट्ठे किए हैं। इस बीच, घटना का संज्ञान लेते हुए GNIDA के सीईओ एन जी रवि कुमार ने पूरे ग्रेटर नोएडा में सभी स्थानों पर पानी की रैंडम टेस्टिंग (Random testing) के आदेश दे दिए हैं।
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