MP के इंदौर में दूषित पानी से 18 मौतें, कांग्रेस ने सीएम, नगरीय प्रशासन मंत्री और महापौर का मांगा इस्तीफा

मंगलवार दोपहर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुआई में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भागीरथपुरा पहुंचा।
MP के इंदौर में दूषित पानी से 18 मौतें, कांग्रेस ने सीएम, नगरीय प्रशासन मंत्री और महापौर का मांगा इस्तीफा
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भोपाल। इंदौर शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से अब तक 18 लोगों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हाल ही 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हालात ऐसे हैं कि लोगों ने एहतियातन घरों की बोरिंग का उपयोग लगभग बंद कर दिया है। पीने के पानी के लिए रहवासी अब पूरी तरह टैंकर और आरओ के पानी पर निर्भर हो गए हैं। गलियों में पानी की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है और लोग हर घूंट पीने से पहले डरे-सहमे नजर आ रहे हैं।

बीमारी के प्रकोप के बाद राहत की बात यह है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में कमी आई है। प्रशासन के मुताबिक अब तक कुल 429 मरीज अस्पतालों में भर्ती हुए थे, जिनमें से मंगलवार शाम तक 330 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया। फिलहाल 99 मरीज ही अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।

हालांकि दूसरी ओर चिंता बढ़ाने वाली बात यह है कि आईसीयू में भर्ती मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बुधवार तक आईसीयू में 16 मरीज भर्ती हैं, जिनमें से 3 की हालत गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है। इससे पहले सोमवार को 15 और रविवार को 7 मरीज आईसीयू में थे। डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण का असर कुछ मरीजों में देर से गंभीर रूप ले रहा है।

महिला कांग्रेस का प्रदेशव्यापी कैंडल मार्च

इस त्रासदी के खिलाफ सियासत भी तेज हो गई है। बुधवार को महिला कांग्रेस पूरे मध्यप्रदेश में एक साथ कैंडल मार्च निकाल रही है। मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने बताया कि दूषित पानी से हुई मौतों के विरोध में और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए यह प्रदर्शन किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह केवल इंदौर की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा सवाल है।

मुआवजा सूची में दो नए नाम जुड़े

इधर, प्रशासन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए बनाई गई सूची में दो नए नाम जोड़े गए हैं। इनमें रामकली जगदीश और श्रवण नत्यु शामिल हैं। इसके साथ ही मुआवजा सूची में कुल 15 नाम हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि शुरुआत में कई नाम सामने ही नहीं लाए गए, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।

दो दिनों में 5 हजार से ज्यादा घरों का सर्वे

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी के अनुसार 61 स्वास्थ्य टीमें बनाई गई थीं। इन टीमों में नर्सिंग ऑफिसर, सीएचओ, आशा और एएनएम शामिल थे। इन टीमों ने दो दिनों में 5,013 घरों तक पहुंचकर रियल टाइम सर्वे किया और 24,786 लोगों से संपर्क किया। टीमों ने न केवल परामर्श दिया, बल्कि हर घर में दवाइयां और क्लिनवेट ड्रॉप भी वितरित कीं, ताकि संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।

क्या है कोबो टूल, जिससे बना डिजिटल नक्शा

स्वास्थ्य विभाग ने सर्वे के लिए ‘कोबो टूल’ नाम के मोबाइल एप का उपयोग किया। इस एप के जरिए भागीरथपुरा के हर घर का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया गया। किस घर में कितने लोग बीमार हैं, बीमारी की गंभीरता क्या है, पानी को सुरक्षित रखने की जानकारी है या नहीं, इन सभी सवालों के जवाब डिजिटल रूप से दर्ज किए गए। इसी डेटा के आधार पर प्रभावित और सुरक्षित इलाकों का हीट-गैप मैप तैयार किया गया।

ICMR सर्वे: 17 गलियां संक्रमित

दूषित पानी से फैली बीमारी के बाद Indian Council of Medical Research (ICMR) के सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सर्वे में भागीरथपुरा की 17 गलियां संक्रमित पाई गईं। रिपोर्ट के मुताबिक इलाके का 40 से 50 प्रतिशत हिस्सा प्रभावित मिला। 460 घरों में संक्रमण के लक्षण पाए गए, जिनमें से करीब 600 लोग सिंप्टोमैटिक मरीज पाए गए। हालांकि भागीरथपुरा टंकी के सामने वाली गली में कोई मरीज नहीं मिला, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्र माना गया।

हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी

मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच में दूषित पेयजल से जुड़े पांच मामलों की एक साथ सुनवाई हुई। अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि इस घटना ने इंदौर की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

कोर्ट ने कहा कि देश का सबसे स्वच्छ शहर कहलाने वाला इंदौर अब दूषित पानी की वजह से पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि स्वच्छ पानी जनता का अधिकार है और इससे किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। अदालत ने संकेत दिए कि जरूरत पड़ने पर दोषी अधिकारियों पर सिविल और क्रिमिनल दोनों तरह की जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही यह भी कहा कि यदि मुआवजा अपर्याप्त पाया गया तो उस पर भी अदालत उचित निर्देश देगी।

भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं का दौरा, पुलिस से बहस

उधर, मंगलवार दोपहर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अगुआई में कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल भागीरथपुरा पहुंचा। इलाके में पहले से ही भारी पुलिस बल और वज्र वाहन तैनात थे। सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी।

कांग्रेस नेताओं की पुलिस अधिकारियों से तीखी बहस हुई, लेकिन बाद में वे दूसरे रास्ते से इलाके में दाखिल हुए। उन्होंने दूषित पानी से जान गंवाने वाले अशोक लाल पवार, जीवन लाल और गीता बाई के परिजनों से मुलाकात कर उनकी पीड़ा सुनी। करीब तीन घंटे बाद प्रतिनिधिमंडल वहां से लौटा।

इस्तीफों की मांग तेज

भागीरथपुरा से लौटने के बाद जीतू पटवारी ने इंदौर के प्रभारी मंत्री होने के नाते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। उनका कहना था कि इतने बड़े हादसे के बाद भी जिम्मेदारी तय न होना, प्रशासन की असंवेदनशीलता को दिखाता है।

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