नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस पर बेहद सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि पुलिस ने रात करीब एक बजे पार्टी के नॉर्थ जोन कोऑर्डिनेटर मोहन यादव के साउथ एक्सटेंशन स्थित घर में जबरन घुसकर मारपीट की। दास के मुताबिक, इस दौरान पुलिसकर्मियों ने यादव की पत्नी के साथ भी दुर्व्यवहार किया, जिससे उनके छोटे बच्चे बुरी तरह सहम गए हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सौरभ दास ने इस पूरी घटना को भारत में 'आपातकाल का दौर' करार दिया। उन्होंने लिखा कि दिल्ली पुलिस बिना किसी कानूनी अधिकार के रात के अंधेरे में उनके कार्यकर्ता के घर में घुसी है। दास ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता अपना आपा खो चुकी है, लेकिन हम पीछे हटने वाले नहीं हैं और 'कॉकरोच' आ रहे हैं।
दास ने सोशल मीडिया पर कुछ क्लिप्स भी साझा किए हैं, जिनमें उन्होंने मोहन यादव और उनके मासूम बच्चों की चीखें सुनाई देने का दावा किया है। उन्होंने पूरे देश से इन दर्दनाक आवाजों को सुनने की अपील की। सीजेपी नेता ने कहा कि यादव ने आज तक एक भी कानून नहीं तोड़ा है और उनका एकमात्र गुनाह एक युवा आंदोलन का स्वयंसेवक होना है।
एक अन्य वीडियो साझा करते हुए पार्टी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि यह घटना साबित करती है कि सरकार अब अपने ही नागरिकों के खिलाफ युद्ध लड़ रही है। हालांकि, दास द्वारा साझा किए गए इन वीडियो और लगाए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
माना जा रहा है कि पुलिस की यह कथित कार्रवाई सीजेपी के आगामी प्रदर्शन से ठीक पहले दबाव बनाने की कोशिश है। पार्टी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के नेतृत्व में एक बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से 'वोट चोरी' के आरोपों, मतदाता सूची से युवा वोटरों को बाहर किए जाने और चुनाव आयोग से जुड़ी अन्य चिंताओं को लेकर आयोजित किया जाना है।
सौरभ दास का कहना है कि पार्टी ने इस प्रस्तावित प्रदर्शन के बारे में दिल्ली पुलिस को विधिवत जानकारी दे दी थी और सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली थीं। इस आंदोलन में देशभर से युवाओं के बड़ी संख्या में जुटने की उम्मीद जताई जा रही है।
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने इस प्रस्तावित जमावड़े को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि राष्ट्रीय राजधानी में फिलहाल भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। ऐसे में जब तक ये प्रतिबंध लागू हैं, तब तक जंतर-मंतर या दिल्ली के किसी भी अन्य हिस्से में किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा सकती। पुलिस ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के भीड़ जुटाने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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