
मथुरा- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के ब्रज क्षेत्र के गौरक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत एक सड़क दुर्घटना में हो गई। घटना कोसी कलां थाना क्षेत्र के नवीपुर गांव के पास आगरा-दिल्ली हाईवे (एनएच-19) पर घने कोहरे के बीच हुई। पुलिस के अनुसार, बाबा ने संदेह के आधार पर नागालैंड नंबर वाले एक कंटेनर ट्रक को रोका था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे राजस्थान नंबर वाले दूसरे ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जांच में पाया गया कि रोका गया कंटेनर ट्रक किराने का सामान, साबुन, फिनाइल और शैंपू से भरा था, जबकि टक्कर मारने वाले ट्रक में वायर कॉइल्स लदे थे। दोनों वाहनों में गायों या मांस का कोई अवैध परिवहन नहीं था। टक्कर वाले ट्रक का ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हुआ और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही गौरक्षकों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। समर्थकों ने इसे गौ तस्करों द्वारा जानबूझकर हत्या बताते हुए तुरंत विरोध शुरू कर दिया। सुबह से ही छाता क्षेत्र में दिल्ली-आगरा हाईवे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया गया। गुस्साई भीड़ ने पथराव किया, पुलिस वाहनों को तोड़ा और कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज और अन्य बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। हाईवे पर कई घंटों तक यातायात ठप रहा। बाद में स्थिति नियंत्रण में आ गई।
इस दौरान सोशल मीडिया पर फर्जी नैरेटिव तेजी से फैला। वीडियो वायरल हुए जिसमें बाबा का शव सड़क पर पड़ा दिखाया गया, उनके पास फरसा भी दिख रहा था। कई यूजर्स और गौरक्षा संगठनों ने दावा किया कि गौ तस्करों ने बाबा को ट्रक से कुचलकर मार डाला। पोस्ट्स में हत्या की साजिश, पुलिस की मिलीभगत और गौ हत्या के आरोप लगाए गए। कुछ बाहरी तत्वों ने अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, जिससे आक्रोश और बढ़ा।
इस घटना पर अयोध्या से सिताराम दास महाराज ने बयान जारी कर कहा, “चंद्रशेखर, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता है, गायों की रक्षा के लिए समर्पित थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन गायों की सेवा में बिताया। कथित गौ तस्करों द्वारा उनकी हत्या अत्यंत निंदनीय है। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि इस समर्पित गौरक्षक को उनके पवित्र चरणों में स्थान मिले।” हालांकि पुलिस की जांच और सबूत इस दावे को खारिज करते हैं कि यह हत्या थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस ने जांच जारी रखते हुए कहा कि लापरवाही से वाहन चलाने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
मथुरा पुलिस ने स्पष्ट बयान जारी कर फर्जी नैरेटिव का खंडन किया। मथुरा एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा, “यह घने कोहरे में हुई सड़क दुर्घटना है, हत्या या गौ तस्करी से कोई संबंध नहीं। बाबा के सहयोगी की शिकायत पर दुर्घटना का केस दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। अफवाहें फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। सीसीटीवी फुटेज से 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें बाहरी लोग भी शामिल हैं।” पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.