हिरासत में मौतों का डराने वाला आंकड़ा: 74 दिनों में 170 ने गंवाई जान, बिहार सबसे आगे

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा: मात्र 74 दिनों में 170 कस्टोडियल डेथ, बिहार और राजस्थान के आंकड़े सबसे डरावने
Custodial deaths in India
गृह मंत्रालय के अनुसार शुरुआती 74 दिनों में ही 170 कस्टोडियल डेथ (Custodial Deaths) दर्ज हुई हैं। बिहार, राजस्थान और यूपी के डराने वाले आंकड़े यहां पढ़ें।(Ai Image)
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नई दिल्ली: गृह मंत्रालय ने मंगलवार को संसद में एक बेहद गंभीर और चिंताजनक जानकारी साझा की है। इस साल के शुरुआती 74 दिनों यानी 15 मार्च तक ही देशभर में पुलिस हिरासत में मौत (कस्टोडियल डेथ) के कुल 170 मामले सामने आ चुके हैं। यह आंकड़ा इसलिए भी चौंकाने वाला है क्योंकि पिछले पूरे साल में यह संख्या 140 थी। मात्र ढाई महीने में ही पिछले साल का रिकॉर्ड टूट चुका है।

राज्य पुलिस और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के आंकड़ों का हवाला देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में बताया कि इस मामले में बिहार सबसे ऊपर है। बिहार में अब तक 19 ऐसी मौतें दर्ज की गई हैं। इसके बाद राजस्थान में 18 और उत्तर प्रदेश में 15 मामले सामने आए हैं। वहीं, गुजरात, महाराष्ट्र और पंजाब जैसे राज्यों में 14-14 लोगों की हिरासत के दौरान जान गई है।

केंद्रीय मंत्री ने सदन को पिछले कुछ वर्षों के राष्ट्रीय आंकड़े भी विस्तार से बताए। वर्ष 2021-22 में देशभर में कुल 176 कस्टोडियल डेथ के मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद के वर्षों में इसमें थोड़ी गिरावट देखने को मिली थी। वर्ष 2022-23 में यह संख्या 163, 2023-24 में 157 और पिछले साल 140 दर्ज की गई थी।

राज्यों के पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो बिहार में 2021-22 में 18, 2022-23 में 16, 2023-24 में 13 और 2024-25 में 10 लोगों की हिरासत में मौत हुई थी। लेकिन इस साल यह आंकड़ा अचानक उछलकर 19 पर पहुंच गया है। इसी तरह राजस्थान में 2021-22 में 13 मामले थे, जो 2022-23 में घटकर मात्र 4 रह गए थे। 2023-24 में यह संख्या 7 और 2024-25 में 9 थी, जबकि इस साल 15 मार्च तक ही राजस्थान में 18 मामले सामने आ चुके हैं।

गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 2021-22 में 8, 2022-23 में 10, 2023-24 में 12 और 2024-25 में 11 मौतें हुई थीं, जो इस साल 15 मार्च तक बढ़कर 15 हो गई हैं।

नित्यानंद राय ने बताया कि गुजरात में 2021-22 में 24, 2022-23 में 15, 2023-24 में 18 और 2024-25 में 14 कस्टोडियल डेथ दर्ज की गईं, जबकि इस साल भी 14 मौतें हुई हैं। महाराष्ट्र की बात करें तो वहां 2021-22 में सर्वाधिक 30, 2022-23 में 22, 2023-24 में 21 और 2024-25 में 14 मौतें दर्ज की गई थीं और इस साल भी यह आंकड़ा अब तक 14 पर बना हुआ है।

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