उत्तर प्रदेश: चित्रकूट जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ मंगलवार की शाम एक 17 वर्षीय सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता ने अपने ही घर में आत्महत्या कर ली।
खेत में बदहवास मिली थी पीड़िता
मृतका के पिता द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह खौफनाक वारदात 4 मार्च की है। उस दिन लड़की कुएं से पानी भरने गई थी। काफी देर तक जब वह नहीं लौटी, तो उसका छोटा भाई उसे ढूंढने निकला। उसने अपनी बहन को एक खेत में बदहवास हालत में पाया। पिता का आरोप है कि गांव के ही तीन युवकों ने लड़की को जबरन खेत में घसीटा और दो घंटे से अधिक समय तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
बदनामी का डर और आरोपियों के ताने बने मौत की वजह
शुरुआत में परिवार ने सामाजिक बदनामी और कलंक के डर से पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी। आरोप है कि इसी बात का फायदा उठाकर आरोपी लगातार पीड़िता को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां दे रहे थे। इतना ही नहीं, वे आए दिन लड़की को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां भी करते थे। इन्ही तानों और जलालत से तंग आकर अंततः उस नाबालिग ने अपनी जान दे दी।
तीनों फरार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज
बेटी की मौत के बाद अब पिता की तहरीर पर पुलिस ने कार्रवाई की है। तीनों फरार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) तथा 3(2)5 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। ये सभी आरोपी उसी गांव के रहने वाले हैं, जिनमें से दो अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से ताल्लुक रखते हैं।
पुलिस का दावा: परिजनों ने कार्रवाई से किया था इनकार
इस पूरे मामले में चित्रकूट पुलिस का पक्ष थोड़ा अलग है। पुलिस का कहना है कि 4 मार्च को ही उन्होंने माता-पिता से शिकायत दर्ज कराने के लिए लिखित बयान मांगा था, लेकिन उन्होंने इससे साफ इनकार कर दिया था। परिजनों ने बकायदा एक वीडियो जारी कर कहा था कि वे इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। पुलिस के मुताबिक, इसी वीडियो बयान के आधार पर थाने की जनरल डायरी (GD) में प्रविष्टि कर दी गई थी और पिछले 38 दिनों में परिवार की तरफ से किसी भी तरह की कोई शिकायत नहीं आई थी।
डायरी बरामद, जांच के लिए तीन टीमें गठित
फिलहाल पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। छानबीन के दौरान मृतका के घर से उसकी एक डायरी भी बरामद की गई है, जो जांच में अहम साबित हो सकती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरी घटना के विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं। अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि इस पूरे प्रकरण में पुलिस स्तर पर कोई भी लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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