
उत्तर प्रदेश: बदायूं जिले में मंगलवार शाम डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बड़ी हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। इस भीषण बवाल में सात पुलिसकर्मियों समेत कुल आठ लोग घायल हुए हैं। हालात पर काबू पाने के लिए पूरे इलाके को छावनी में बदल दिया गया है।
यह पूरी घटना फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजा की सिकरी गांव की है। दरअसल, गांव की एक सरकारी जमीन पर अंबेडकर प्रतिमा स्थापित की जा रही थी, जिसे लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विवाद छिड़ गया। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, जिस जगह पर मूर्ति लगाई जा रही थी वह जमीन खलिहान के लिए आरक्षित है। बिना अनुमति के वहां निर्माण होने पर प्रशासन ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विवाद के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। गांव वालों का दावा है कि दो पुलिसकर्मियों ने मूर्ति को लात मारी, जिससे प्रतिमा का एक हाथ टूट गया। इस बात के फैलते ही गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया और लोग उग्र होने लगे।
स्थिति बिगड़ती देख जिलाधिकारी अवनीश कुमार राय और एसएसपी अंकिता शर्मा भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। डीएम के अनुसार, शुरुआत में दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत करा लिया गया था। प्रशासन ने विवाद सुलझाने के लिए एक समिति बनाने का भी आश्वासन दिया था।
इसी बीच, गांव के ही एक सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर छवि राम ने अंबेडकर पार्क के लिए अपनी निजी जमीन देने की पेशकश की। इसके बाद यह सहमति बन गई कि प्रशासनिक नियमों और अनुमति प्रक्रिया का पालन करते हुए मूर्ति उसी नई जगह पर स्थापित की जाएगी।
प्रशासन को लगा कि मामला सुलझ गया है, लेकिन शाम ढलते ही स्थिति अचानक बेकाबू हो गई। जिलाधिकारी ने बताया कि अंधेरा होते ही कुछ उपद्रवियों ने महिलाओं और बच्चों को ढाल बनाते हुए पुलिस और प्रशासनिक टीम पर अंधाधुंध पथराव शुरू कर दिया। इस अप्रत्याशित हमले से मौके पर भारी अफरा-तफरी मच गई।
इस हिंसक पत्थरबाजी में सात पुलिस जवान और एक ग्रामीण घायल हो गए। उपद्रवियों का गुस्सा यहीं नहीं रुका; उन्होंने पुलिस की गाड़ियों, पीएसी के ट्रक और यहां तक कि एक एंबुलेंस को भी अपना निशाना बनाया। प्रशासन के मुताबिक, भीड़ के इस हमले में 10 से अधिक सरकारी और अन्य वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूछताछ के लिए सात संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा अन्य पत्थरबाजों और उपद्रवियों की पहचान की जा रही है।
भविष्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने विवादित प्रतिमा को सुरक्षित रूप से तहसील परिसर में रखवा दिया है। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और हिरासत में लिए गए लोगों व अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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