
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मंगलवार को बहुप्रतीक्षित शिक्षक नियुक्ति परीक्षा (TRE-4) की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए राज्य में कुल 32,388 पदों पर शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त मगही, मैथिली और ललित कला समेत विभिन्न विषयों व भाषाओं में 886 पद तथा कृषि विषय में 76 अतिरिक्त पद शामिल किए गए हैं।
इस बहाली के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी। हालांकि, आयोग ने अभी तक परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस भर्ती का स्वागत करते हुए इसे शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा, "युवाओं के लिए भविष्य के द्वार खुले हैं। भविष्य के निर्माता बनकर आइए, शिक्षा विभाग आपका स्वागत करने के लिए तैयार है।" उन्होंने सभी अभ्यर्थियों से अंतिम तिथि से पहले आवेदन करने और पूरे आत्मविश्वास व कड़ी मेहनत के साथ तैयारी में जुटने की अपील की।
दूसरी ओर, अधिसूचना जारी होने से पहले ही राजधानी पटना के गर्दनीबाग में शिक्षक अभ्यर्थियों ने अनिश्चितकालीन 'छात्र न्याय सत्याग्रह' शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी अन्य मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि TRE-4 की परीक्षा बिना अलग-अलग पीटी और मेन्स के एकल पाली (सिंगल सिटिंग) में ही आयोजित की जाए। छात्रों का तर्क है कि TRE-4 में पहले ही काफी विलंब हो चुका है, इसलिए परीक्षा पैटर्न में कोई भी बदलाव आगामी TRE-5 से लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही अभ्यर्थियों ने राज्य में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी दोहराई है।
नवादा से प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं खुशबू कुमारी ने कहा, "हमें TRE-4 की अधिसूचना के लिए भी विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यदि पीटी और मेन्स दोनों परीक्षाएं ही करानी हैं, तो फिर बीएड, एसटीईटी और सीटीईटी क्यों आयोजित कराए गए? परीक्षा केवल एक ही होनी चाहिए। शिक्षा मंत्री बार-बार झूठ बोलते हैं, अगर वे अधिसूचना जारी नहीं कर सकते तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।"
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार ने पहले 25 जुलाई तक अधिसूचना जारी करने और 24 घंटे के भीतर संशोधन करने का भरोसा दिया था, जिसे पूरा नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार के हजारों छात्रों के हितों की रक्षा के लिए यह धरना दिया जा रहा है और यदि सरकार ने एक पाली में परीक्षा कराने सहित अन्य मांगों का समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने इस दौरान 66वीं, 67वीं और 70वीं बीपीएससी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों को लेकर भी गहरी चिंता और नाराजगी जताई।
द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.
'द मूकनायक' जनवादी पत्रकारिता करता है. यह संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय पर चलने वाला मीडिया समूह है। अगर आप भी चाहते हैं कि 'द मूकनायक' हमेशा हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज बुलंद करता रहे, बेजुबानों की पीड़ा दिखाते रहें तो सब्सक्राइब करें।
यहां सब्सक्राइब करें