
अजमेर - जिले के पुष्कर के निकट कड़ेल गांव स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य सुशील कुमार रिणवां पर एक छात्रा द्वारा छेड़छाड़ और गलत हरकत का आरोप लगाए जाने के बाद सोमवार को विद्यालय परिसर में हंगामा हो गया। स्टाफ रूम में शिक्षकों और अन्य छात्राओं की मौजूदगी में पीड़ित छात्रा द्वारा प्रधानाचार्य के मुंह पर कालिख पोता गया, इस दौरान स्कूल के बाहर भारी तादाद में लोगों की भीड़ जमा हो गई, आरोप सामने आते ही छात्राओं और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और छात्राओं से समझाइश कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। जब पुलिस प्रिंसिपल को ले जाने लगी तो कुछ ग्रामीणों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और शिक्षक की पिटाई कर डाली। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधानाचार्य को निलंबित करने की मांग की।
पुलिस ने आरोपी प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है जबकि शिक्षा विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय बाड़मेर के जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी। पूरे घटनाक्रम का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद एक बार फिर राजस्थान में लडकियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्कूल में 12वीं की एक छात्रा के पास रजिस्ट्रेशन फीस जमा करने के पैसे नहीं थे। उसने दो दिन का समय मांगा तो प्रधानाचार्य ने कथित रूप से छुट्टी के बाद रुकने और अपने साथ समय बिताने की शर्त पर फीस माफ करने की बात कही। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उसे गलत तरीके से छूने और जबरदस्ती करने की कोशिश की। छात्रा ने स्टाफ रूम में सबके सामने यह भी बताया कि प्रिंसिपल ने उससे 'साइज़' भी पूछा। छात्रा ने अपने परिजनों को बात दी। इसके बाद परिजनों का गुस्सा बढ़ गया और स्कूल में सार्वजनिक रूप से प्रिंसिपल बेनकाब हुए। अन्य स्टूडेंट्स ने भी बताया कि प्रिंसिपल गन्दी फोटो दिखाते थे और गंदी निगाहों से उन्हें देखते थे।
एक विडियो में दिख रहा है कि एक लेडी टीचर छात्रा को सांत्वना देते हुए उसी के हाथों से प्रिंसिपल के चेहरे पर काला रंग लगवा रही है। इस शिक्षिका डॉक्टर रोशनदीप श्रीमाली ने बाद में मीडिया को बताया कि प्रधानाचार्य पर पूर्व में कई बार अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि प्रधानाचार्य पिछले पांच वर्षों से तानाशाही रवैया अपनाए हुए थे। एक साल पहले एक शिक्षिका के साथ बदतमीजी की घटना हुई थी, जिसे पुलिस थाने और महिला आयोग तक ले जाया गया था, लेकिन दबाव में मामला वापस लेना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य अध्यापकों को धमकाते थे, लॉग बुक खराब करने की धमकी देते थे और रिश्तेदारों के प्रभाव का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से ऐसे लोगों को बर्खास्त करने की अपील की ताकि छात्रा को न्याय मिल सके।
पूर्व जिला परिषद सदस्य एवं भाजपा जिला प्रवक्ता (देहात) महेंद्र सिंह मझेला ने बताया कि सोमवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि विद्यालय में एक बच्ची के साथ प्रधानाचार्य द्वारा गलत हरकत की गई है। वे 15 मिनट में स्कूल पहुंचे। छात्रा ने उन्हें बताया कि 14 तारीख को प्रधानाचार्य ने गलत हरकत की और उसके बाद लगातार मनाने का प्रयास कर रहा है। उसने छात्रा को एक लाख रुपये देकर मामला खत्म करने का प्रस्ताव भी दिया। मझेला ने कहा कि एक शिक्षक ने भी बताया कि एक साल पहले उनके साथ भी ऐसी घटना हुई थी, लेकिन स्टाफ ने समझाइश और माफी लेकर बात को पर्दे में रख लिया। उन्होंने कलेक्टर, एसडीएम, थाना और जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत सूचना दी तथा प्रधानाचार्य को तत्काल निलंबित और सेवा से बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने छात्रा की हिम्मत की सराहना की और कहा कि ऐसे व्यक्ति को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
पुष्कर थाना पुलिस ने प्रधानाचार्य सुशील कुमार रेणवा को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस उप अधीक्षक शमशेर सिंह ने बताया कि रिपोर्ट ले ली गई है और आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित बालिका की उम्र 18 वर्ष से अधिक बताई जा रही है, इसलिए उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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