असम के कोकराझार में आदिवासी समुदायों के बीच हिंसक झड़प: सेना ने संभाला मोर्चा, इंटरनेट अनिश्चितकाल के लिए बंद; 2 की मौत

सड़क हादसे के बाद भड़की हिंसा में 2 लोगों की मौत, सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने दावोस से दिए सख्त निर्देश; कोकराझार और चिरांग में मोबाइल डेटा पूरी तरह ठप।
Assam Kokrajhar Violence
असम के कोकराझार में हिंसा के बाद सेना ने संभाला मोर्चा। 2 की मौत, इंटरनेट अनिश्चितकाल के लिए बंद।(फोटो साभार- द हिन्दू)
Published on

कोकराझार/गुवाहाटी: असम के कोकराझार जिले में बोडो और आदिवासी समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। एक सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुए विवाद ने लिंचिंग और आगजनी का रूप ले लिया, जिसमें दो लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने सेना को तैनात कर दिया है और जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

घटना की शुरुआत सोमवार (19 जनवरी) की रात को हुई। एक वाहन में सवार तीन बोडो युवक औडांग क्षेत्र (Aoudang area) में साइट निरीक्षण कर लौट रहे थे। गौरी नगर-माशिंग रोड (Gouri Nagar–Mashing Road) पर कारीगांव पुलिस चौकी के पास उनकी कार ने दो आदिवासी व्यक्तियों को टक्कर मार दी, जिससे वे घायल हो गए।

इस घटना से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने कार को रोक लिया और उसमें सवार तीनों युवकों—सिखना जह्वलाओ बिस्मित उर्फ ​​राजा, प्रभात ब्रह्मा और जुबिराज ब्रह्मा—को बाहर खींचकर बुरी तरह पीटा। भीड़ ने उनकी गाड़ी को भी आग के हवाले कर दिया।

इस हमले में स्थानीय ठेकेदार मोरंदा बसुमतारी के दामाद, राजा की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, हिंसा में घायल एक अन्य व्यक्ति ने भी मंगलवार (20 जनवरी) को दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या दो हो गई है। वहीं, कार की टक्कर से घायल हुए सुनील मुर्मू और महेश मुर्मू, और भीड़ के हमले में घायल हुए प्रभात और जुबिराज का कोकराझार मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक प्रभात ब्रह्मा की हालत गंभीर बनी हुई है।

मंगलवार को भड़की हिंसा और आगजनी

सोमवार की घटना की खबर फैलते ही मंगलवार सुबह दोनों समुदायों के सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। भीड़ ने राष्ट्रीय राजमार्ग 27 (NH 27) को घंटों तक जाम रखा, टायर जलाए और कारीगांव पुलिस चौकी पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने एक सरकारी कार्यालय में भी आग लगा दी।

पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। इस दौरान पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के जवानों समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने दंगा करने के आरोप में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया है।

सेना का फ्लैग मार्च और सख्त सुरक्षा घेरा

कोकराझार एसएसपी (SSP) अक्षत गर्ग ने बताया कि संवेदनशील इलाकों में सेना के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है। बुधवार (21 जनवरी) को सेना ने विश्वास बहाली के उपायों (Confidence-building measures) के तहत प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च करने की योजना बनाई है। रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, जिले में सेना की कुल चार टुकड़ियां (Columns) मौजूद हैं।

कोकराझार के उपायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट पंकज चक्रवर्ती ने जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है, जिसके तहत किसी भी तरह की सभा, रैली या नारेबाजी पर रोक लगा दी गई है।

मुख्यमंत्री का बयान और प्रशासन की अपील

दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक में भाग ले रहे असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्थिति पर नजर बनाए रखने की बात कही है। उन्होंने एक बयान में कहा, "शांति और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेना को बुलाया गया है और एहतियात के तौर पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को तैनात किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोकराझार और चिरांग जिलों में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद रहेंगी।"

असम पुलिस ने भी सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाह फैलाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा।

राहत शिविर स्थापित

हिंसा के डर से कारीगांव के कई ग्रामीणों ने अपना घर छोड़ दिया है। प्रशासन ने ऐसे लोगों के लिए कारीगांव हाई स्कूल और ग्वाजनपुरी अमनपारा हाई स्कूल में दो राहत शिविर स्थापित किए हैं। फिलहाल, आईजीपी (कानून एवं व्यवस्था) अखिलेश कुमार सिंह मौके पर मौजूद हैं और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।

Assam Kokrajhar Violence
इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: यूपी में गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे नहीं होंगे बंद, लेकिन सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिलेगा
Assam Kokrajhar Violence
गणतंत्र दिवस परेड: गोरखपुर की चार ट्रांसजेंडर नई दिल्ली में बनेंगी 'खास मेहमान', समावेशिता की पेश करेंगी नई मिसाल
Assam Kokrajhar Violence
70 साल पहले जहाँ छलके थे बाबासाहेब के आंसू, अब वहीं 'संवैधानिक अधिकार बचाओ' महारैली! आगरा के रामलीला मैदान में क्या बोले थे डॉ अम्बेडकर

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com