मणिपुर सरकार को ANSAM का अल्टीमेटम: 4 दिन में 6 नागा बंधक रिहा हों, वरना 10 विधायक वापस लेंगे समर्थन

मणिपुर में गहराया सियासी संकट: ANSAM ने 6 नागा बंधकों की रिहाई और कुकी उग्रवादियों के साथ 'SoO' समझौता रद्द करने के लिए सरकार को दिया 4 दिन का अल्टीमेटम।
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कोहिमा से मणिपुर का हाईवे फोटो- राजन चौधरी, द मूकनायक
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मणिपुर: ऑल नागा स्टूडेंट्स एसोसिएशन, मणिपुर (ANSAM) ने राज्य सरकार को एक बेहद सख्त अल्टीमेटम दिया है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले चार दिनों के भीतर छह अपहृत नागा नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर उनके परिवारों को नहीं सौंपा गया, तो वे सरकार का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेंगे।

नागा छात्रों के इस शीर्ष संगठन ने सरकार को इसी समय-सीमा के भीतर कुछ अन्य कठोर कदम उठाने को भी कहा है। उनकी प्रमुख मांगों में तीन नागा नागरिकों और तीन थाउदौ (Thadou) चर्च नेताओं के हत्यारों को खोजकर कड़ी सजा दिलाना शामिल है। इसके साथ ही, कुकी उग्रवादी गुटों के साथ हुए 'सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस' (SoO) समझौते को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की भी मांग उठाई गई है।

यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि थाउदौ समुदाय का एक वर्ग खुद को कुकी पहचान से बिल्कुल अलग और एक स्वतंत्र जनजाति के रूप में मान्यता देता है। शुक्रवार, 29 मई 2026 को जारी एक विस्तृत बयान में ANSAM ने SoO समझौते के तहत काम कर रहे कुकी उग्रवादियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं।

संगठन के अनुसार, 13 मई को तीन चर्च नेताओं की नृशंस हत्या के बाद 18 लियांगमई नागा (Liangmai Naga) नागरिकों को बंधक बना लिया गया था। हालांकि कुछ लोग छूट गए, लेकिन दो पादरियों सहित छह लोग अभी भी उग्रवादियों के कब्जे में हैं और उनकी रिहाई को लेकर कोई सुराग नहीं है।

बंधकों की इस स्थिति को लेकर पूरे नागा समुदाय में भारी आक्रोश पनप रहा है। ANSAM के अध्यक्ष थ. अंग्तेशांग मारिंग ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार इन अपहृत नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने में विफल रहती है, तो नागा समुदाय सामूहिक रूप से सरकार के खिलाफ खड़ा होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इस विकट स्थिति में सभी 10 नागा विधायकों से सरकार से अपना समर्थन वापस लेने की आधिकारिक अपील की जाएगी।

एसोसिएशन ने हाल ही में हुई निर्दोष लोगों की लक्षित हत्याओं पर भी त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आपको बता दें कि उखरुल जिले में दो और नोनी जिले में एक नागा नागरिक की जान गई थी, जबकि कांगपोकपी जिले में तीन थाउदौ चर्च नेताओं को निशाना बनाया गया था।

छात्र संगठन ने केंद्र सरकार और कुकी उग्रवादी समूहों के बीच हुए युद्धविराम (SoO) समझौते को सिरे से खारिज करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उनका तर्क है कि शांति के लिए किया गया यह समझौता अब निर्दोष नागरिकों की हत्या और उनके अपहरण का एक खुला 'लाइसेंस' बन चुका है।

इसके अतिरिक्त, ANSAM ने मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोन्थौजम की कार्यप्रणाली की भी कड़ी आलोचना की है। संगठन का आरोप है कि गृह मंत्री ने 7 मई को म्यांमार स्थित कुकी सशस्त्र समूहों द्वारा नागा गांवों पर किए गए सीमा पार 'आतंकवादी हमले' की सच्चाई को स्वीकार करने में पूरी तरह से विफलता दिखाई है, जिससे जमीनी हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।

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