MP: महिला पटवारी से दुष्कर्म मामले में डिप्टी कलेक्टर दोषी, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा

ब्लैकमेलिंग, तेजाब और अपहरण की धमकियों का आरोप अभियोजन के मुताबिक आरोपी महिला को लगातार ब्लैकमेल करता था।
MP: महिला पटवारी से दुष्कर्म मामले में डिप्टी कलेक्टर दोषी, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
Internet
Published on

भोपाल। मध्यप्रदेश के बड़वानी में प्रशासनिक महकमे को झकझोर देने वाले महिला पटवारी से दुष्कर्म के मामले में डिप्टी कलेक्टर अभय सिंह खराड़ी को अदालत ने दोषी करार दिया है। तृतीय जिला एवं सत्र न्यायालय, बड़वानी ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख 1 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। फैसले के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी डिप्टी कलेक्टर को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। यह निर्णय न सिर्फ पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में अहम माना जा रहा है, बल्कि सरकारी पद के दुरुपयोग पर कड़ा संदेश भी देता है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, कॉल रिकॉर्ड, परिस्थितिजन्य प्रमाण और गवाहों के बयान एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं। न्यायालय ने माना कि आरोपी ने अपने प्रभावशाली सरकारी पद का इस्तेमाल कर पीड़िता को लंबे समय तक डराया, धमकाया और यौन शोषण किया। इन तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को सभी गंभीर आरोपों में दोषी ठहराते हुए कठोर सजा सुनाई।

2016 से 2024 तक किया यौन शोषण

पीड़ित महिला पटवारी ने वर्ष 2024 में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 से 2024 के बीच आरोपी ने अपने पद और रसूख का दुरुपयोग करते हुए कई बार जबरन शारीरिक संबंध बनाए। महिला के अनुसार इस अवधि में 4 से 5 बार बलात्कार किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने लगातार दबाव और भय का माहौल बनाए रखा, जिससे वह लंबे समय तक सामने नहीं आ सकी।

क्या थी घटना?

महिला ने अपनी शिकायत में 22 दिसंबर 2023 की रात का भी जिक्र किया है। उसके अनुसार रात करीब 10 बजे आरोपी जुलवानिया की गायत्री कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंचा, जहां उसने मारपीट की, गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। इस घटना ने पीड़िता को मानसिक रूप से तोड़ा और अंततः उसने कानूनी कार्रवाई का रास्ता चुना।

अभियोजन के मुताबिक आरोपी महिला को लगातार ब्लैकमेल करता था। आरोप है कि वह उसके रिश्ते तुड़वाने की धमकी देता, फोन पर तेजाब डालने, अपहरण करने और हत्या की धमकियां देता था। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसे बेहोश कर उसकी मांग में सिंदूर भरता था और फोटो खींच लेता था, ताकि समाज में उसे अपनी पत्नी बताकर बदनाम किया जा सके और दबाव बनाया जा सके।

सरकारी अभियोजक शिवपाल सिंह सिसोदिया ने अदालत को बताया कि आरोपी की पत्नी को महिला पटवारी और आरोपी के संबंधों पर संदेह था, जिसके चलते विवाद हुआ। इसी क्रम में आरोपी की पत्नी ने महिला पटवारी और उसके परिवार के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई। अभियोजन का आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने महिला को भरोसा दिलाया कि वह यह मामला खत्म करवा देगा और इसी भरोसे का फायदा उठाकर लगातार यौन शोषण करता रहा।

NCRB के आंकड़ों में स्थिति भयाभय

मध्य प्रदेश लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, खासकर दुष्कर्म के मामलों में देशभर में चर्चा का विषय बना रहा है। वर्ष 2023 में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं रही। एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश दुष्कर्म की घटनाओं में देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। यहां एक साल के भीतर 2,979 मामले दर्ज हुए। राजस्थान 5,078 घटनाओं के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में 3,516 मामले सामने आए।

यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालाँकि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका असर बहुत कम दिखाई दे रहा है।

MP: महिला पटवारी से दुष्कर्म मामले में डिप्टी कलेक्टर दोषी, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
MP इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी मामला: त्रासदी में 31वीं मौत, इलाके में दहशत का माहौल
MP: महिला पटवारी से दुष्कर्म मामले में डिप्टी कलेक्टर दोषी, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
MP सागर में आदिवासी सुसाइड केस: SIT ने सुप्रीम कोर्ट से मांगा वक्त, मार्च में पेश होगी रिपोर्ट, जानिए क्या है मामला?
MP: महिला पटवारी से दुष्कर्म मामले में डिप्टी कलेक्टर दोषी, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सजा
MP: अर्धनग्न प्रदर्शन पर भड़की तहसीलदार, कलेक्ट्रेट में परिवार से कहा- ‘नाटक मत करो, अभी पुलिस बुला लूंगी’ जानिए क्या है मामला?

द मूकनायक की प्रीमियम और चुनिंदा खबरें अब द मूकनायक के न्यूज़ एप्प पर पढ़ें। Google Play Store से न्यूज़ एप्प इंस्टाल करने के लिए यहां क्लिक करें.

The Mooknayak - आवाज़ आपकी
www.themooknayak.com