
भोपाल। मध्यप्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। सोमवार को मैहर जिले में दर्ज की गई घटना के अनुसार सतना से रामनगर जा रही एक यात्री बस में एक महिला के साथ अश्लील हरकत की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। आरोप है कि बस में सफर कर रहे एक असिस्टेंट प्रोफेसर ने महिला के साथ अभद्र व्यवहार किया और विरोध करने पर उसे धमकाने की भी कोशिश की। इस मामले में सबसे अहम बात यह रही कि पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी की हरकतों का वीडियो बना लिया, जो अब पुलिस जांच का मुख्य आधार बन गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता सतना से बस में सवार हुई थी और अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। सफर के दौरान भटनवारा के पास उसके बगल की सीट खाली हुई, जिस पर एक व्यक्ति आकर बैठ गया। बाद में उसकी पहचान अमरपाटन पीजी कॉलेज में पदस्थ असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक सिन्हा के रूप में हुई। शुरुआत में उसने सामान्य बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन कुछ ही देर में उसकी हरकतें अश्लीलता की ओर बढ़ गईं। महिला ने पहले विरोध किया, लेकिन जब आरोपी नहीं माना तो उसने चुपचाप अपने मोबाइल फोन से उसकी हरकतों को रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।
घटना के बाद जब बस अमरपाटन पहुंची, तो पीड़िता सीधे थाने पहुंची और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि इस दौरान आरोपी ने महिला पर समझौते का दबाव बनाया और जब वह इसके लिए तैयार नहीं हुई, तो उसे जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया। पीड़िता द्वारा बनाए गए वीडियो को पुलिस ने महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में जब्त कर लिया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह परस्ते ने बताया कि महिला की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 और 351 (3) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपी की पहचान के आधार पर नामजद एफआईआर दर्ज की है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी ने खुद ही सफर के दौरान अपना नाम आलोक सिन्हा और अमरपाटन पीजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर होने की जानकारी दी थी। जब वह बस से कॉलेज के पास उतरा, तो महिला ने बस में मौजूद अन्य छात्रों से उसके बारे में पुष्टि की। छात्रों ने अपने मोबाइल फोन में उसका फोटो दिखाया, जिससे उसकी पहचान पुख्ता हो गई। इसके बाद पुलिस ने उसी आधार पर नामजद एफआईआर दर्ज की।
पहले भी रहे विवाद
इस घटना के सामने आने के बाद आरोपी के पिछले रिकॉर्ड भी चर्चा में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, आलोक सिन्हा पहले भी विवादों में रह चुका है। उस पर कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के साथ मारपीट करने का आरोप लग चुका है, जिसकी शिकायत अमरपाटन थाने में दर्ज है। इस मामले की जानकारी उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त तक भी पहुंचाई गई थी।
इतना ही नहीं, हाल ही में अमरपाटन के सरकारी कॉलेज में छात्राओं ने भी उसके खिलाफ बदतमीजी और सेशनल कॉपी जमा नहीं करने को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे। यह विवाद इतना बढ़ गया था कि कॉलेज परिसर में ही छात्राओं और प्रोफेसर के बीच झड़प हो गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कॉलेज के प्राचार्य को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
मध्य प्रदेश लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, खासकर दुष्कर्म के मामलों में देशभर में चर्चा का विषय बना रहा है। वर्ष 2023 में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं रही। एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश दुष्कर्म की घटनाओं में देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। यहां एक साल के भीतर 2,979 मामले दर्ज हुए। राजस्थान 5,078 घटनाओं के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में 3,516 मामले सामने आए।
यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालाँकि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका असर बहुत कम दिखाई दे रहा है।
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