
भोपाल। मध्यप्रदेश के भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र के मानिक चौराहा स्थित बड़ा बाजार इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां ग्वालियर से अपनी ननद के घर आई महिला की पांच वर्षीय बेटी को एक युवक कुरकुरे दिलाने का लालच देकर अपने साथ ले गया और उसके साथ अश्लील हरकत कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही महिला ने तत्काल गोहद थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पोक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है।
कुरकुरे दिलाने के बहाने साथ ले गया आरोपी
पुलिस के अनुसार फरियादी महिला ने बताया कि वह ग्वालियर से गोहद स्थित अपनी ननद के घर आई हुई थी। ननद का मकान बड़ा बाजार के पास मानिक चौराहे के नजदीक है। सोमवार दोपहर जब उसकी पांच साल की बेटी घर के बाहर खेल रही थी, तभी मोहल्ले में रहने वाला मोनू भारद्वाज पुत्र प्रहलाद भारद्वाज वहां पहुंचा। आरोपी ने बच्ची से कहा कि वह उसे कुरकुरे दिलाएगा और उसे अपने साथ ले गया। मासूम बच्ची उसकी बातों में आकर उसके साथ चली गई।
घटना के बाद आरोपी फरार
थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित महिला की तहरीर पर मोनू भारद्वाज के खिलाफ पाक्सो एक्ट और दुष्कर्म की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपित की तलाश जारी है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
द मूकनायक से बातचीत करते हुए मध्य प्रदेश राज्य बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य ओमकार सिंह ने बताया कि प्रदेश में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति को दर्शाते हैं। उनका कहना है कि अलग-अलग जिलों से आए दिन ऐसी घटनाओं की खबरें मिलती हैं, जहां मासूम बच्चों को बहला-फुसलाकर या डराकर उनका शोषण किया जाता है। कई मामलों में आरोपी बच्चे के परिचित या आसपास के ही लोग होते हैं, जिससे परिवारों का भरोसा भी टूटता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए बनाए गए कड़े कानून, जैसे पॉक्सो एक्ट, के बावजूद यदि ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं तो यह समाज और तंत्र दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े करता है। ओमकार सिंह ने जोर देकर कहा कि इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाने, बच्चों को सुरक्षित माहौल देने और आरोपियों के खिलाफ त्वरित व सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की जरूरत है, तभी इन घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।
NCRB के आंकड़ों में स्थिति भयाभय
मध्य प्रदेश लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, खासकर दुष्कर्म के मामलों में देशभर में चर्चा का विषय बना रहा है। वर्ष 2023 में भी स्थिति बहुत बेहतर नहीं रही। एनसीआरबी की रिपोर्ट बताती है कि प्रदेश दुष्कर्म की घटनाओं में देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। यहां एक साल के भीतर 2,979 मामले दर्ज हुए। राजस्थान 5,078 घटनाओं के साथ सबसे ऊपर रहा, जबकि उत्तर प्रदेश में 3,516 मामले सामने आए।
यह आंकड़े साफ दिखाते हैं कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। हालाँकि सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इनका असर बहुत कम दिखाई दे रहा है।
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