केरल: कैसे सोशल मीडिया पर एक वायरल क्लिप ने ले ली गारमेंट फैक्टरी वर्कर की जान!

महिला इन्फ्लुएंसर ने बस में अश्लील स्पर्श का विडियो बनाकर किया था वायरल
बस में सवार एक महिला इन्फ्लुएंसर शिम्जिथा मुस्तफा ने एक 18 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें आरोप लगाया कि दीपक ने जानबूझकर उनके साथ अश्लील स्पर्श किया।  महिला ने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो रातोंरात वायरल हो गया।
बस में सवार एक महिला इन्फ्लुएंसर शिम्जिथा मुस्तफा ने एक 18 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें आरोप लगाया कि दीपक ने जानबूझकर उनके साथ अश्लील स्पर्श किया। महिला ने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो रातोंरात वायरल हो गया। रविवार सुबह करीब 7 बजे माता-पिता ने दीपक को जगाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा खुला नहीं। पड़ोसियों की मदद से कमरे में घुसने पर उन्हें छत के पंखे से लटका मिला।
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कोझिकोड- केरल के कोझिकोड में एक दिल झकझोर देने वाली घटना ने सोशल मीडिया के दोहरे चेहरे को एक बार फिर उजागर कर दिया है। 42 वर्षीय युवक दीपक यू ने शुक्रवार को एक भीड़भाड़ वाली बस में महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाने वाले वायरल वीडियो के बाद कथित रूप से आत्महत्या कर ली। परिवार का दावा है कि यह आरोप पूरी तरह बेबुनियाद था और वीडियो व्यूज व पैसे के लालच में बनाया गया। पुलिस ने अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि सोशल मीडिया पर यूजर्स महिला और वीडियो शेयर करने वालों पर 'हत्या' का आरोप लगा रहे हैं।

विडियो इन्फ्लुएंसर शिमजिथा मुस्तफा ने बनाकर अपलोड किया है, शिमजिथा एक राजनीतिज्ञ हैं जिन्होंने हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था।

कैसे बनी एक छोटी सी क्लिप किसी की मौत का कारण?

दीपक यू, मूल रूप से पुथियारा के निवासी और गोविंदपुरम में एक गारमेंट फैक्टरी में नौकरी करते थे। वह अपने माता-पिता- पिता छोटी और मां कन्यका- के इकलौते बेटे थे। 16 जनवरी को काम के सिलसिले में कन्नूर गए थे, जहां पय्यानूर रेलवे स्टेशन से अरिकोड जाने वाली प्राइवेट बस में सवार हुए। इसी बस में सवार महिला इन्फ्लुएंसर शिम्जिथा मुस्तफा ने एक 18 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें आरोप लगाया कि दीपक ने जानबूझकर उनके साथ अश्लील स्पर्श किया। वीडियो में दोनों खड़े दिख रहे हैं, लेकिन परिवार का कहना है कि यह जानबूझकर हरकत नही थी बल्कि भीड़ के कारण यह सामान्य टकराव था।

महिला ने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो रातोंरात वायरल हो गया। इससे पहले दो मिलियन से ज्यादा व्यूज हो चुके थे। दीपक को जब इसकी जानकारी मिली, तो वह पूरी तरह टूट गए। रिश्तेदारों के अनुसार उन्होंने आरोपों से इनकार किया, लेकिन मानसिक तनाव इतना बढ़ गया कि दो दिनों तक उन्होंने कुछ खाया भी नहीं। रविवार सुबह करीब 7 बजे माता-पिता ने उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा खुला नहीं। पड़ोसियों की मदद से कमरे में घुसने पर उन्हें छत के पंखे से लटका मिला।

मेडिकल कॉलेज पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना गया है। पुलिस अब रिश्तेदारों के बयान दर्ज करेगी और वीडियो के प्रसार की परिस्थितियों की भी जांच करेगी।

दीपक के परिवार ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उनके पिता ने कहा, "हमारा बेटा बिल्कुल निर्दोष था। वह ऐसी हरकत कभी नहीं कर सकता। वीडियो वायरल होने के बाद वह अपमान से जूझ रहा था। हम मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन से शिकायत करेंगे और न्याय मांगेंगे।" रिश्तेदारों ने बताया कि दीपक ने वीडियो देखने के बाद किसी से बात भी नहीं की और खुद को बंद कर लिया।

महिला शिम्जिथा मुस्तफा, जो अरिकोड की रहने वाली हैं, ने बाद में एक और वीडियो अपलोड कर अपना पक्ष रखा, जो अब प्राइवेट है। वह अपने आरोपों पर कायम हैं और कहती हैं कि स्पर्श जानबूझकर था। हालांकि वीडियो को बाद में डिलीट कर दिया गया।

सामाजिक कार्यकर्ता राहुल ईश्वर ने केरल पुलिस में शिम्जिथा मुस्तफा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज करने की शिकायत की है। पुलिस ने अभी तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है, लेकिन जांच में वीडियो की प्रामाणिकता और इसके प्रभाव को देखा जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वीडियो फर्जी साबित हुआ, तो महिला पर आत्महत्या के लिए उकसाना और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है।

सोशल मीडिया पर यूँ भडके यूजर

सोशल मीडिया पर इस घटना ने तूफान मचा दिया है। लाखों यूजर्स महिला और वीडियो शेयर करने वालों को 'हत्या' का दोषी ठहरा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, "वह इस बुरी औरत से अनजान था। वह जानबूझकर खुद को उसके पास खींच रही है, जबकि वह दूर हट रहा है। असली पीड़ित तो चुपके से रिकॉर्डिंग करता। इस %ड़ैल और वीडियो शेयर करने वाले सभी मूर्खों को क्या सजा मिलेगी? तुम सब हत्यारे हो। कभी मत भूलना।"

एक अन्य यूजर ने तार्किक विश्लेषण किया: "चलो इसे तर्क से तोड़ते हैं। उसने रिकॉर्डिंग तब शुरू की जब पुरुष काफी दूरी पर खड़ा था। जब प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो उसने कैमरा एंगल बदला और खुद को ऐसे रखा कि स्पर्श जानबूझकर लगे। लोगों को जल्दबाजी में दोष देने से पहले ये सवाल पूछने चाहिए: क्या वह भविष्य देख सकती थी, या स्थिति बाद में फ्रेम की गई? अगर हरकत जानबूझकर थी तो तुरंत क्यों नहीं सामना किया? चेहरे को धुंधला क्यों नहीं किया लाखों लोगों को दिखाने से पहले? असुरक्षित महसूस कर रही थी तो दूसरी महिला के पास क्यों नहीं चली गईं? रिकॉर्डिंग के दौरान कोई ऐसी हरकत क्यों करेगा? पूरा अनएडिटेड वीडियो क्यों नहीं अपलोड किया?"

एक यूजर ने लिखा, "कल्पना करो महिला के व्यूज के लालच, उसने एक जिंदगी ले ली। वीडियो में साफ दिख रहा है कि यह सामान्य कोहनी का हिलना था, न कि हमला।" एक अन्य ने कहा, "आरोप → वायरल वीडियो → सार्वजनिक आक्रोश → आत्महत्या। सोशल मीडिया का आक्रोश न्याय की जगह नहीं ले सकता। #न्याय बिना निष्पक्षता के जिंदगियां बर्बाद कर देता है।"

ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया के 'डिजिटल मॉब' की प्रवृत्ति को उजागर कर रही हैं, जहां बिना जांच के लोग ट्रायल कर देते हैं। एक यूजर ने चेतावनी दी, "रुकें। सोचें। नरेटिव पर सवाल उठाएं, डिजिटल भीड़ में शामिल होने से पहले। सोशल मीडिया मॉनेटाइजेशन ने आक्रोश को मुद्रा बना दिया है। कुछ लोग व्यूज, एंगेजमेंट और पैसे के लिए नरेटिव मैनिपुलेट करने को तैयार हैं, भले ही किसी की प्रतिष्ठा या जिंदगी दांव पर लग जाए।"

बस में सवार एक महिला इन्फ्लुएंसर शिम्जिथा मुस्तफा ने एक 18 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें आरोप लगाया कि दीपक ने जानबूझकर उनके साथ अश्लील स्पर्श किया।  महिला ने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो रातोंरात वायरल हो गया।
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बस में सवार एक महिला इन्फ्लुएंसर शिम्जिथा मुस्तफा ने एक 18 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें आरोप लगाया कि दीपक ने जानबूझकर उनके साथ अश्लील स्पर्श किया।  महिला ने वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जो रातोंरात वायरल हो गया।
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