दिल्ली में सड़क किनारे सो रही 11 साल की मासूम का अपहरण कर दुष्कर्म और हत्या, एनकाउंटर के बाद आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली के महरौली से अगवा 11 साल की मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या, पुलिस एनकाउंटर में दरिंदा कैब ड्राइवर गिरफ्तार।
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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में एक बार फिर दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। दक्षिण दिल्ली के महरौली इलाके से एक 11 साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले 29 वर्षीय कैब ड्राइवर बाशु कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपना गुनाह छिपाने के लिए बच्ची के शव को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड के किनारे एक जंगल में फेंक दिया था।

यह दर्दनाक घटना सोमवार तड़के करीब 5 बजे की है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) अनंत मित्तल ने बताया कि बच्ची अपने परिवार के साथ महरौली के सीडीआर चौक पर फुटपाथ पर सो रही थी। उसी वक्त बाशु अपनी कैब लेकर वहां पहुंचा और सोती हुई बच्ची को उठाकर वहां से फरार हो गया। बच्ची के गायब होने का एहसास होते ही परिवार ने तुरंत शोर मचाया और पुलिस को मामले की जानकारी दी।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फौरन अपहरण का केस दर्ज किया और बच्ची की सुरक्षित तलाश के लिए 20 अलग-अलग टीमें गठित कीं। स्थानीय खुफिया नेटवर्क और सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को हरियाणा नंबर प्लेट वाली एक संदिग्ध कैब का अहम सुराग मिला। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए शिकायत मिलने के महज छह घंटे के भीतर आरोपी को तब धर दबोचा, जब वह एक सवारी को ड्रॉप कर रहा था। जांच में पता चला है कि आरोपी एक प्रमुख राइड-हेलिंग ऐप के लिए कैब चलाता है।

सख्ती से पूछताछ करने पर बाशु ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उसी ने मासूम का अपहरण किया, उसका यौन उत्पीड़न किया और फिर गला घोंटकर उसकी जान ले ली। डीसीपी के अनुसार, शुरुआती जांच इशारा करती है कि इस जघन्य अपराध में आरोपी अकेला ही शामिल था। आरोपी बाशु का पुराना आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके गृह राज्य बिहार में उस पर पहले से ही पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से चार यौन उत्पीड़न और एक हत्या के प्रयास का है।

आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की हत्या, अपहरण व दुष्कर्म की धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार को पुलिस ने उसे शहर की एक अदालत में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। इसी जांच के दौरान जब पुलिस क्राइम सीन रीक्रिएट करने के लिए आरोपी को घटनास्थल पर ले जा रही थी, तो उसने पुलिस की गिरफ्त से भागने की कोशिश की।

पुलिस के मुताबिक, बाशु ने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस टीम को भी जवाबी फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल अवस्था में उसे मदन मोहन मालवीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से बच्ची का शव बरामद कर लिया है और उसे पोस्टमार्टम के लिए सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया है। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने अपहरण वाली जगह और शव फेंके जाने वाले स्थान से सभी जरूरी सैंपल इकट्ठा कर लिए हैं। पुलिस का कहना है कि घटना के सटीक घटनाक्रम को पूरी तरह से स्थापित करने के लिए आगे की वैज्ञानिक जांच जारी है।

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