
लखीमपुर खीरी- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्र में 10 मार्च को एक दलित परिवार के साथ हुई बेहद गंभीर और जातिगत हिंसा की घटना सामने आई है। पीड़ित परिवार की शिकायत के अनुसार एक विवाह समारोह के दौरान जातिवादी लोगों के एक समूह ने परिवार के सदस्यों को सड़क से जबरन खींचकर एक कमरे में बंद कर लिया और बेरहमी से मारपीट की। आरोपी अवस्थी परिवार के बताए गये हैं।
हमलावरों ने पीड़ितों को जातिसूचक गालियां दीं, एक महिला के बाल खींचे, पैरों तले कुचला और गोली मारने की धमकी तक दी। पीड़ित महिला ने शिकायत में बताया कि उनके पुत्र के कपड़ों पर मूत्र की दुर्गंध आ रही थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह पीड़ितों को बाहर निकाला, लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया। पीड़ित परिवार ने शिकायत के दो दिन बाद भी FIR दर्ज नहीं होने पर सोशल मीडिया पर वीडियो जारी किया और एक दिन में शिकायत दर्ज नहीं होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी.
भीम आर्मी के स्टेट कोर्डिनेटर डॉ कुलदीप भार्गव ने मामले में पीड़ित परिवार की तरफ से जारी वीडियो को शेयर किया जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. भार्गव ने बताया कि "लखीमपुर खीरी जनपद के थाना तिकुनिया क्षेत्र में कुछ सवर्ण दबंगों ने परिवार के दो लोगों को सड़क से जबरन खींचकर एक कमरे में बंद कर दिया और बेरहमी से मारपीट की। बाद में पुलिस पहुंचकर किसी तरह पीड़ितों को कमरे से बाहर निकलवाती है। हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर घटना के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है, बल्कि थाना तिकुनिया के संबंधित थाना अध्यक्ष द्वारा पीड़ित परिवार पर समझौता (सुलह) करने का दबाव बनाया जा रहा है और आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारी हैं।"
पीड़ित परिवार की सदस्या ने वीडियो पर बताया कि घटना के बाद भी थाना तिकुनिया में अब तक FIR दर्ज नहीं की गई है। इसके बजाय थाना प्रभारी पर पीड़ित परिवार पर समझौता करने का दबाव बनाने और आरोपियों को बचाने का आरोप लग रहा है। बताया जा रहा है कि आरोपी बजरंग दल से जुड़े पदाधिकारी हैं, और लगभग 40 लोगों के समूह ने हमला किया था। पीड़ित पक्ष ने उच्च अधिकारियों से SC/ST एक्ट और अन्य धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज करने, निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भीम आर्मी के जिला महासचिव एडवोकेट दीपक जाटव ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला और दबाव जारी रहा तो भीम आर्मी SP कार्यालय लखीमपुर पहुंचकर प्रदर्शन करेगी। कई यूजर्स ने यूपी पुलिस और डीजीपी को टैग कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। बढ़ते दबाव के बीच खीरी पुलिस ने सोशल मीडिया पर जवाब दिया कि प्रकरण में आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रभारी निरीक्षक तिकुनिया को निर्देशित किया गया है।
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