
भोपाल। मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के एक सरकारी कॉलेज में NCC एडमिशन को लेकर एक सहायक प्राध्यापक पर छात्रा से कथित तौर पर शारीरिक संबंध बनाने की मांग करने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायत के बाद पुलिस ने कॉलेज के सहायक प्राध्यापक और NCC प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह कुशराम को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने भी उन्हें निलंबित कर दिया है।
आरोप है कि कॉलेज में NCC की सीट खाली नहीं होने के बावजूद छात्राओं को एडमिशन दिलाने के नाम पर आरोपी ने एक छात्रा से मोबाइल मैसेज और बातचीत के जरिए कथित तौर पर अनुचित मांग की। छात्रा ने पुलिस को आरोपी के मोबाइल मैसेज, वॉइस रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्य सौंपे हैं।
छात्रा ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता ने गुरुवार रात बैहर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ उसने आरोपी द्वारा भेजे गए कथित मैसेज और वॉइस रिकॉर्डिंग भी पुलिस को उपलब्ध कराई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नारायण धुर्वे के मुताबिक, शिकायत में आरोप लगाया गया है कि NCC में एडमिशन कराने के बदले छात्रा से अनैतिक मांग की गई थी। पुलिस ने शिकायत के साथ उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और वॉइस रिकॉर्डिंग की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसे गिरफ्तार किया।
नाम जोड़ दूं तो क्या करोगी?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी NCC में छात्राओं के नाम जोड़ने की बात करता था। इसी दौरान वह कथित तौर पर छात्रा से कहता था- 'यदि मैं तुम्हारा नाम जोड़ दूं तो तुम क्या करोगी?' पुलिस के अनुसार, बातचीत के दौरान पार्टी के लिए रुकने की बात भी सामने आई है। इन आरोपों की पुष्टि के लिए पुलिस उपलब्ध रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
जांच में तीन और छात्राओं की शिकायत
मामले की शुरुआत एक छात्रा की शिकायत से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई तो तीन और छात्राओं ने भी आरोपी के खिलाफ इसी तरह की शिकायतें कीं। इस तरह अब तक कुल चार छात्राओं की शिकायत सामने आने की बात पुलिस की ओर से कही गई है। पुलिस अब सभी शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी सहायक प्राध्यापक को अदालत में पेश किया। आरोपी की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शिवानी असाटी की अदालत में जमानत याचिका दायर की गई थी। सहायक जिला अभियोजन अधिकारी नारायण धुर्वे के मुताबिक, अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी और आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए।
उच्च शिक्षा विभाग ने किया निलंबित
मामला सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने भी डॉ. राजेंद्र सिंह कुशराम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की है। शनिवार को विभाग के उपसचिव एल.के. खरे ने उनके निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा कार्यालय, जबलपुर निर्धारित किया गया है।
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