
भोपाल। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 19 वर्षीय युवती के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है। युवती ने दो युवकों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने लिफ्ट देने के बहाने उसे जबरन ऑटो में बैठाया और पानी में नशीली या नींद की दवा मिलाकर पिला दी। पानी पीने के बाद वह बेहोश हो गई। युवती का आरोप है कि बेहोशी की हालत में दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
घटना के बाद शिकायत दर्ज कराने के लिए युवती और उसके परिजनों को तीन थानों के चक्कर लगाने पड़े। बाद में माधौगंज थाने में महिला अधिकारी की मौजूदगी में उसकी शिकायत सुनी गई और शून्य पर एफआईआर दर्ज की गई। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में हुई होने के कारण केस डायरी विश्वविद्यालय थाने भेजी गई। केस डायरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय पुलिस ने शनिवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
महाराज बाड़े जाने निकली थी युवती
पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक घटना 4 अगस्त की सुबह करीब 10:30 बजे की है। 19 वर्षीय युवती महाराज बाड़े जाने के लिए घर से निकली थी। वह अल्कापुरी चौराहे के पास पहुंची थी, तभी आरोपी छोटू खान अपने ऑटो के साथ वहां पहुंचा।
आरोप है कि छोटू खान ने युवती को ऑटो में बैठकर चलने के लिए कहा। युवती ने उसके साथ जाने से इनकार कर दिया। युवती के मुताबिक, मना करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
इसी दौरान ऑटो की पिछली सीट पर बैठे दूसरे आरोपी नरेश कुशवाह ने युवती का हाथ पकड़ लिया और कथित तौर पर उसे जबरन ऑटो में खींचकर बैठा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी उसे लेकर वहां से चले गए।
जबरन पानी पिलाने का आरोप
युवती ने पुलिस को बताया कि ऑटो में बैठाने के बाद दोनों युवकों ने उसके साथ अभद्रता की। इसी दौरान उसे बोतल से पानी पिलाया गया। युवती का आरोप है कि पानी में संभवतः नींद या नशीली दवा मिलाई गई थी।
पानी पीने के कुछ देर बाद युवती बेहोश हो गई। इसके बाद उसके साथ क्या हुआ, इसकी उसे जानकारी नहीं रही। युवती ने आरोप लगाया है कि बेहोशी की हालत में दोनों आरोपियों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।
चार बजे आया होश, झाड़ियों में पड़ी थी युवती
युवती के मुताबिक, उसे शाम करीब 4 बजे होश आया। जब उसने आंखें खोलीं तो वह बेला की बावड़ी इलाके में झाड़ियों के बीच पड़ी थी। उसके शरीर पर कपड़े नहीं थे और आसपास उसके कुछ कपड़े पड़े हुए थे।
युवती ने किसी तरह अपने कपड़े पहने। इसके बाद उसने वहां मौजूद एक महिला से उस स्थान के बारे में पूछा। महिला ने उसे बताया कि वह बेला की बावड़ी इलाके में है।
इसके बाद युवती ने आसपास मौजूद लोगों से मदद मांगी और अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजन उसे लेकर पुलिस के पास पहुंचे।
शिकायत के लिए तीन थानों तक पहुंची युवती
मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। युवती के परिजनों के मुताबिक, वे सबसे पहले गिरवाई थाना पहुंचे थे। वहां महिला अधिकारी मौजूद नहीं होने की बात कहकर उन्हें दूसरे थाने जाने के लिए कहा गया।
इसके बाद परिजन युवती को माधौगंज थाना लेकर पहुंचे। यहां महिला अधिकारी की मौजूदगी में युवती की शिकायत सुनी गई और शून्य FIR दर्ज की गई।
चूंकि घटना की शुरुआत विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के अल्कापुरी चौराहे से हुई थी, इसलिए मामले की केस डायरी विश्वविद्यालय थाने भेजी गई।
विश्वविद्यालय पुलिस ने दर्ज किया मामला
केस डायरी मिलने के बाद विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
विश्वविद्यालय थाना प्रभारी रविंद्र कुमार जाटव के मुताबिक, केस डायरी प्राप्त होने के बाद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है।
जांच के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस अब युवती के बयान, मेडिकल जांच, घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती को किस स्थान पर ले जाया गया था और कथित तौर पर उसे बेहोश करने के लिए किसी पदार्थ का इस्तेमाल किया गया था या नहीं।
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