" हम आपसे नहीं डरते..": लहरा दो तिरंगा अभियान से पहले क्या बोले अभिजीत दीपके?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संबोधित करते हुए दीपके ने कहा, “अगर हमें राष्ट्रीय ध्वज लहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो हम जाएंगे।”
दीपके ने बताया कि उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उनके चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा उनका पीछा करती है।
दीपके ने बताया कि उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उनके चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा उनका पीछा करती है।सीजेपी
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नई दिल्ली- कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय संयोजक एवं संस्थापक अभिजीत दीपके और सीजेपी की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने गुरुवार मध्यरात्रि झंडेवालान में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराने पर पुलिस द्वारा लगाए जा रहे प्रतिबंधों पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि चुनावी जवाबदेही की मांग कर रहे नागरिकों पर राज्य की निगरानी और हिरासत क्यों हो रही है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए दीपके ने कहा, “आज रात या कल सुबह दिल्ली पुलिस के लोग मुझे उठा सकते हैं। अगर इस देश में तिरंगा लहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो हम उसके लिए तैयार हैं।”

उन्होंने कहा कि सीजेपी के 10 अक्टूबर के प्रदर्शन आह्वान के जवाब में सरकार ने पूरे दिल्ली को बंद कर दिया, बसें बंद कर दीं, मेट्रो बंद कर दी, रेलवे बंद कर दिया, इंटरनेट बंद कर दिया और बैरिकेडिंग कर दी। अब जब 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च की घोषणा की गई, तो सरकार ने सेंट्रल पार्क ही बंद कर दिया।

दीपके ने कहा कि यह अभियान महात्मा गांधी और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के मार्ग पर चल रहा है। सीजेपी शांतिपूर्ण आचरण के प्रति प्रतिबद्ध है। “हम शांति और अहिंसा में विश्वास रखते हैं, हम गांधी और अहिंसा के अनुयायी हैं। हम सिर्फ जवाबदेही मांग रहे हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे संबोधित करते हुए दीपके ने कहा, “हम आपसे नहीं डरते। मैं यहां बैठा हूं, आकर मुझे उठा लो। अगर हमें राष्ट्रीय ध्वज लहराने के लिए जेल जाना पड़े, तो हम जाएंगे।”

उन्होंने पूछा कि अगर नागरिक पूरे देश में तिरंगा लहराने के कार्यक्रमों की घोषणा करें तो क्या प्रशासन 100 या 1000 जगहें बंद कर देगा? और अगर सीजेपी जनता से अपील करे कि वे प्रधानमंत्री की रैली में तिरंगा लेकर जाएं, तो क्या प्रधानमंत्री अपनी रैली रद्द कर देंगे? “क्या भारत में तिरंगा लहराना अपराध बन गया है?” उन्होंने पूछा और सरकार से अपना रुख खुलकर बताने को कहा।

दीपके ने बताया कि आशुतोष और सौरभ को तिरंगा लहराने के लिए हिरासत में लिया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने एक सार्वजनिक वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी ने सीजेपी के नेशनल मीडिया लीड विजय मल्लंगी और उनके साथी को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर तिरंगे के साथ वीडियो रिकॉर्ड करने से मना किया था।

एक रिपोर्टर के इस सवाल पर कि दिल्ली पुलिस केवल 11 प्रतिभागियों को तिरंगा लहराने की अनुमति देगी, दीपके ने सवाल किया कि कौन तय करता है कि कौन से नागरिक भाग ले सकते हैं। “तिरंगा 140 करोड़ भारतीयों का है। यह सभी भारतीयों का गौरव है,” उन्होंने कहा। उन्होंने जोड़ा कि किसी भी पिछले प्रधानमंत्री या सरकार ने सिर्फ तिरंगा लहराने की इच्छा रखने वाले नागरिकों को जेल नहीं भेजा।

दीपके ने कहा कि उन्हें अपनी गिरफ्तारी की उम्मीद है। उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने आसपास इशारा करते हुए कहा, “देखो, चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा मेरा पीछा कर रही है।” उन्होंने कहा कि अन्य पार्टी सदस्यों पर भी निगरानी है और पूछा कि क्या पुलिस के पास और कोई काम नहीं है।

दीपके ने आगे बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो के कर्मचारी सीजेपी की नेशनल लीगल लीड रत्ना सिंह का पीछा कर रहे हैं, बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ियां टीम सदस्यों का पीछा कर रही हैं और सादे कपड़ों में पुलिस व खुफिया कर्मचारी उनके ठहरने की जगह के चौकीदार से जानकारी मांग रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठियां लेकर गड़बड़ी करने और प्रदर्शनकारियों को पीटने वाले लोगों को अनुमति दी, जबकि शांतिपूर्ण प्रतिभागियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने मौजूदा स्थिति को “इमरजेंसी” बताया और कहा कि मोदी औपचारिक घोषणा इसलिए नहीं कर रहे क्योंकि इससे उनकी छवि को सार्वजनिक नुकसान होगा।

अभियान की मांगों को दोहराते हुए दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और स्वतंत्र, निष्पक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की मांग की। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार ने चुनावों में हेरफेर की, सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी के बिना फॉर्म-6 में बदलाव किया और अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाई गई चिंताओं की अनदेखी की। उन्होंने जोर दिया कि अभियान सरकार को गिराने की मांग नहीं कर रहा, बल्कि भारत में स्वतंत्र, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव आयोग स्थापित करने की मांग कर रहा है।

प्रेस ब्रीफिंग में सीजेपी की नेशनल लीगल अफेयर्स लीड रत्ना सिंह ने कहा कि आशुतोष और सौरभ की रिहाई के लिए कानूनी टीम ने सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं, लेकिन प्रक्रिया को दिन के अंत तक जानबूझकर विलंबित किया गया और फिर अगले दिन पूरा करने की बात कही गई। उन्होंने हिरासत और गिरफ्तारियों को अवैध बताया और कहा कि सीजेपी इन कार्रवाइयों को अदालत में, उच्च अदालत सहित, चुनौती देगी।

दीपके ने कहा कि नागरिक शांतिपूर्वक तिरंगा लेकर 16 अक्टूबर को शाम 5 बजे कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क की ओर आगे बढ़ेंगे।

दीपके ने बताया कि उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उनके चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा उनका पीछा करती है।
सीजेपी का 16 अक्टूबर को दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ प्रदर्शन; पूरे देश में समानांतर तिरंगा मार्च का आह्वान
दीपके ने बताया कि उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उनके चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा उनका पीछा करती है।
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दीपके ने बताया कि उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उनके चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा उनका पीछा करती है।
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दीपके ने बताया कि उनके वर्तमान आवास के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। उनके चारों तरफ सादे कपड़ों में पुलिस और आईबी वाले हैं, एक सफेद स्कॉर्पियो हमेशा उनका पीछा करती है।
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