
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) के करीब 50 हजार विद्यार्थी रिजल्ट जारी होने के बावजूद अंकसूची के लिए परेशान हैं। परीक्षा परिणाम घोषित हुए एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अब तक अंकसूची उपलब्ध नहीं हो सकी है। अंकसूची नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों के सामने कॉलेजों में प्रवेश लेने, नौकरी के लिए किए गए आवेदनों में दस्तावेजों का सत्यापन कराने सहित कई जरूरी कामों में परेशानी खड़ी हो गई है। लगातार विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी समाधान नहीं होने पर अब विद्यार्थियों ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतें दर्ज कराना शुरू कर दिया है।
बीयू की यूजी और पीजी परीक्षाओं में करीब 1.30 लाख विद्यार्थी शामिल हुए थे। इन परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने का काम एजेंसी इंफिनिटी को दिया गया था। परिणाम जारी होने के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने परिणाम में गड़बड़ी की शिकायत की। विद्यार्थियों का आरोप है कि करीब 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को गलत तरीके से फेल कर दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ विद्यार्थियों को ऐसे विषयों के प्रैक्टिकल में अनुपस्थित बताया गया, जिन विषयों में प्रैक्टिकल की व्यवस्था ही नहीं थी। परिणाम में इस तरह की गड़बड़ियां सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने भी विद्यार्थियों की शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया।
परिणाम में गड़बड़ी को लेकर विश्वविद्यालय में 20 से अधिक शिकायतें पहुंचने के बाद संबंधित मामलों की जांच की गई। जांच के दौरान कुछ विद्यार्थियों के परिणाम में संशोधन किया गया और उन्हें संशोधित अंकसूची भी जारी की गई। हालांकि विद्यार्थियों का कहना है कि यह समस्या अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी अब भी अपने परिणाम में सुधार और अंकसूची जारी होने का इंतजार कर रहे हैं। विद्यार्थियों के मुताबिक, जब तक संशोधित परिणाम और अंकसूची उपलब्ध नहीं होती, तब तक वे दूसरे संस्थानों में प्रवेश और नौकरी से जुड़े जरूरी दस्तावेजी काम पूरे नहीं कर पा रहे हैं।
अंकसूची और परिणाम को लेकर बीएड के विद्यार्थियों की परेशानी भी सामने आई है। करीब 60 विद्यार्थी एक-दो विषयों में फेल होने के बाद विश्वविद्यालय पहुंचे। निजी कॉलेजों से जुड़े इन विद्यार्थियों ने मार्च 2026 में आयोजित प्रथम सेमेस्टर परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के पुनर्मूल्यांकन और प्राप्त अंकों की दोबारा जांच कराने की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि परिणाम को लेकर उन्हें संदेह है और यदि उत्तर पुस्तिकाओं की दोबारा जांच की जाती है तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
परेशान बीएड विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय पहुंचकर कुलगुरु और कुलसचिव को ज्ञापन सौंपा। विद्यार्थियों ने मांग की कि प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में जिन विद्यार्थियों को एक-दो विषयों में फेल किया गया है, उनकी उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कराया जाए और अंकों की दोबारा जांच की जाए। इसके साथ ही विद्यार्थियों ने उन्हें द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल होने का अवसर देने की मांग भी की है, ताकि परिणाम संबंधी विवाद के कारण उनकी पढ़ाई और परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित न हो।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. समर सिंह ने कहा कि परिणाम में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया की जा रही है और विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा, "संशोधन कर जल्द अंकसूची जारी की जाएगी। बीएड के विद्यार्थियों की समस्याओं को दूर किया जाएगा।"
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