MP जहरीली शराब कांड: फरार मनीष लोधी की तलाश तेज, अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस-प्रशासन का शिकंजा

बंडा-शाहगढ़ में मौतों के बाद कार्रवाई तेज, ढाबा/बार सील; पांच मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए, 33 आरोपी बनाए गए
MP जहरीली शराब कांड: फरार मनीष लोधी की तलाश तेज, अवैध शराब नेटवर्क पर पुलिस-प्रशासन का शिकंजा
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भोपाल। बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध शराब के नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मामले में अब पुलिस की सबसे ज्यादा नजर फरार आरोपी मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह पर है। पुलिस की अलग-अलग टीमें मनीष की तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जांच के दौरान कुछ स्थानों पर उसकी लोकेशन मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित स्थानों पर पहुंचकर उसकी तलाश की। हालांकि, फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताया जा रहा है।

लाइसेंसी शराब ठेकेदार पर नकली शराब नेटवर्क से जुड़े होने के आरोप

पुलिस जांच के अनुसार मनीष लोधी को बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार बताया जा रहा है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि लाइसेंसी शराब कारोबार की आड़ में कथित तौर पर नकली शराब के नेटवर्क का संचालन किस तरह किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक मनीष के संपर्क में रहे लोगों और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों से पूछताछ में उसके खिलाफ कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस का आरोप है कि मनीष का संपर्क गिरफ्तार आरोपी रवि लखेरा से था और दोनों के बीच नकली शराब तैयार करने की प्रक्रिया को लेकर कनेक्शन सामने आया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में मनीष की वास्तविक भूमिका क्या थी, शराब तैयार करने के लिए सामग्री कहां से आती थी और तैयार शराब को किन माध्यमों से ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता था।

मनीष के ढाबे/बार को किया गया सील

जहरीली शराब कांड सामने आने के बाद प्रशासन ने आरोपियों से जुड़े ठिकानों और संपत्तियों की जांच भी शुरू कर दी है। इसी क्रम में बंडा में सागर रोड स्थित मनीष लोधी के ढाबे/बार को प्रशासन ने सील कर दिया है। प्रशासन की यह कार्रवाई कथित अवैध शराब कारोबार से जुड़े संभावित ठिकानों पर शिकंजा कसने के तौर पर देखी जा रही है।

इसके साथ ही आरोपियों से जुड़े अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई की गई है। गुरुवार को नगर पालिका और पुलिस की संयुक्त टीम ने बंडा के वार्ड नंबर 11 और 12 में कार्रवाई करते हुए पांच मकानों के अवैध हिस्सों को हटाया। कार्रवाई आरोपी मनीष लोधी, चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू और आशीष साहू से जुड़े निर्माणों के खिलाफ की गई।

शराबकांड में 33 आरोपी, 18 गिरफ्तार और 13 फरार

पुलिस के मुताबिक जहरीली शराब मामले में अब तक 33 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 13 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अस्पताल में भर्ती बताया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।

मामले में शुक्रवार को पुलिस को बड़ी सफलता उस समय मिली, जब 20 हजार रुपए के इनामी आरोपी रवि लखेरा को बरायठा के जंगल में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक जवाबी फायरिंग के दौरान रवि के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। अब पुलिस उसकी गिरफ्तारी को पूरे नेटवर्क की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है।

रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद खुलेगा नकली शराब नेटवर्क का राज

पुलिस के अनुसार रवि लखेरा इस कथित नेटवर्क की महत्वपूर्ण कड़ी है। जांच में उसके द्वारा नकली शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जुटाने और उसे नेटवर्क तक पहुंचाने की भूमिका सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक रवि के खिलाफ मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश समेत अन्य स्थानों पर करीब 25 आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।

पुलिस का आरोप है कि रवि और मनीष के बीच लगातार संपर्क था। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि मनीष ने रवि से नकली शराब तैयार करने की प्रक्रिया सीखी थी। अब रवि से पूछताछ के आधार पर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे, शराब तैयार करने और सप्लाई करने की जिम्मेदारी किसकी थी तथा आर्थिक लेन-देन किस तरह किया जाता था।

ततरवारा के खेत में तैयार हुई थी करीब 50 पेटी नकली शराब

पुलिस जांच के अनुसार जन्माष्टमी से करीब दो दिन पहले ततरवारा गांव में चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू के मक्के के खेत में नकली शराब तैयार की गई थी। पुलिस का दावा है कि शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री रवि लखेरा और मनीष लोधी की ओर से उपलब्ध कराई गई थी।

जांच के मुताबिक चंदू, शिवान्जय राजपूत और मनीष की भूमिका से करीब 50 पेटी नकली शराब तैयार की गई। पुलिस के अनुसार इस शराब को कथित तौर पर ‘सागर गोल्ड के नाम से आसपास के गांवों में सेल्समैन के माध्यम से सप्लाई किया गया। अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि नकली शराब की सप्लाई का नेटवर्क कितने गांवों तक फैला था और इसमें कितने सेल्समैन एवं अन्य लोग शामिल थे।

43.2 लीटर नकली शराब बरामद होने का दावा

जांच के दौरान पुलिस ने नौराज निवासी जुझार लोधी को गिरफ्तार किया। पुलिस के मुताबिक उसके कब्जे से 43.2 लीटर नकली शराब बरामद की गई। पूछताछ में जुझार ने कथित तौर पर शराब का सोर्स ततरवारा निवासी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू को बताया। इसके बाद पुलिस ने चंदू को गिरफ्तार किया।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर सप्लाई चेन की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच का फोकस शराब तैयार करने वाले स्थान, कच्चे माल की आपूर्ति, पैकिंग, परिवहन और गांवों में बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया को सामने लाने पर है।

मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद सबूत मिटाने का आरोप

पुलिस जांच में आरोपियों द्वारा कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश किए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार जब लोगों की तबीयत बिगड़ने और मौतों का सिलसिला शुरू हुआ, तब आरोपियों ने कथित तौर पर शराब और उसे तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री को नष्ट करने का प्रयास किया।

जांच एजेंसियों के मुताबिक करीब 20 से 25 पेटी शराब खेत में ले जाकर जलाई गई। इसके अलावा शराब तैयार करने में इस्तेमाल की गई सामग्री को नाले में बहाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन सामग्रियों और अन्य संभावित सबूतों की तलाश कर रही है, ताकि नकली शराब तैयार करने की पूरी प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके।

पुरानी बोतलों और वारदाने के इस्तेमाल की भी जांच

बमूरा गांव के एक खेत से जब्त की गई शराब की कुछ बोतलों पर वर्ष 2011 लिखा हुआ मिलने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि पुराने वारदाने या पैकिंग सामग्री का इस्तेमाल कर उसमें नकली शराब भरकर सप्लाई की गई हो सकती है।

इस बिंदु पर भी जांच की जा रही है कि पुरानी बोतलें और पैकिंग सामग्री कहां से हासिल की गईं तथा नकली शराब को कथित तौर पर ब्रांडेड शराब जैसा दिखाने के लिए किस तरह की प्रक्रिया अपनाई गई।

अब मनीष लोधी की गिरफ्तारी पर टिकी पुलिस की नजर

रवि लखेरा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब फरार आरोपी मनीष लोधी की गिरफ्तारी सबसे अहम कड़ी बन गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नकली शराब बनाने के लिए सामग्री कहां से लाई गई, उसे किसने उपलब्ध कराया, शराब किन स्थानों पर तैयार की गई और तैयार शराब किन-किन गांवों तक पहुंचाई गई।

इसके साथ ही पुलिस लाइसेंसी शराब कारोबार और कथित अवैध शराब नेटवर्क के बीच संबंधों की भी जांच कर रही है। मनीष की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को उम्मीद है कि नकली शराब के इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस की टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

पुलिस जांच से सामने आएगा नेटवर्क का पूरा सच

बंडा और शाहगढ़ क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद शुरू हुई कार्रवाई अब केवल शराब की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। पुलिस और प्रशासन आरोपियों से जुड़े ठिकानों, अवैध निर्माणों, सप्लाई नेटवर्क और शराब तैयार करने में इस्तेमाल सामग्री की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं।

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