
नागौर/जयपुर - नागौर से लोकसभा सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा है। बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा में तैनात एक पुलिस जवान को वापस रिजर्व पुलिस लाइन, नागौर भेज दिया है और इसकी वजह बताई है कि उन्हें बार-बार गंभीर रूप से बीमार पुलिसकर्मी सुरक्षा ड्यूटी पर दे दिए जा रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा है और साथ ही वे किसी बीमार जवान के स्वास्थ्य को जोखिम में नहीं डालना चाहते।
बेनीवाल ने अपने पत्र में तीन उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे उनकी सुरक्षा पर तैनात जवानों की तबीयत अचानक बिगड़ती रही है। पहले कांस्टेबल सुनील बिश्नोई, जो पहले से न्यूरोलॉजी की बीमारी से पीड़ित थे, की 11 जुलाई को जयपुर में तबीयत खराब हो गई और बेनीवाल खुद उन्हें सवाई मानसिंह अस्पताल लेकर गए।
दूसरे कांस्टेबल बलबीर गुर्जर की 15 जुलाई को तबीयत बिगड़ी, उन्हें पहले नागौर के अस्पताल में भर्ती करवाया गया और फिर जोधपुर एम्स रेफर कर दिया गया, जहां हृदय रोग की आशंका जताई गई। तीसरे कांस्टेबल सीताराम, जो वर्तमान में तैनात हैं, वे भी अस्वस्थ बताए गए हैं। बेनीवाल का कहना है कि यह उनकी सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है और इसके पीछे उनकी छवि धूमिल करने की साजिश हो सकती है।
बेनीवाल ने यह भी सवाल उठाया है कि पहले राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस एजेंसी को उनकी सुरक्षा को लेकर बड़े खतरे के इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर उन्हें हथियारबंद कमांडो और पुलिस एस्कॉर्ट मुहैया कराए गए थे, लेकिन बिना उन्हें जानकारी दिए यह सुरक्षा हटा ली गई और उस खतरे की वर्तमान स्थिति भी नहीं बताई गई।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वे स्वयं उन्हें इस सुरक्षा खतरे की सच्चाई बताएंगे। बेनीवाल ने पहले ही डीजीपी और इंटेलिजेंस के एडीजी को इसकी शिकायत कर दी थी, लेकिन जिला स्तर पर कोई सुधार नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नागौर के कुछ पुलिस अधिकारी राजनीतिक प्रभाव में काम कर रहे हैं, जिसके चलते उनकी सुरक्षा के साथ लापरवाही हो रही है। इसलिए बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा वापस लौटाते हुए यह बड़ा कदम उठाया है और मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
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