राजस्थान: लड़की से छेड़छाड़ की शिकायत करने पर दलित युवक की चाकू घोंपकर हत्या, पुलिस की बड़ी लापरवाही आई सामने, SI सस्पेंड

राजस्थान के श्रीगंगानगर में पुलिस की बड़ी लापरवाही। लड़की से छेड़छाड़ की शिकायत करने पर दलित युवक की सरेआम चाकू मारकर हत्या, गुस्साए परिजनों के प्रदर्शन के बाद SI निलंबित।
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राजस्थान के श्रीगंगानगर में छेड़छाड़ की शिकायत करने पर दलित युवक की चाकू मारकर हत्या। पुलिस की घोर लापरवाही सामने आने के बाद SI निलंबित।
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राजस्थान: श्रीगंगानगर जिले से एक दुखद घटना सामने आई है। यहाँ 3 जुलाई को एक दलित युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उसकी जान चली गई। इस मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका मानना है कि अगर पुलिस समय रहते उनकी पिछली शिकायत पर कार्रवाई करती, तो शायद आज उनका बेटा जिंदा होता।

यह पूरी वारदात श्रीकरणपुर कस्बे में शनि मंदिर के पास हुई। बताया जा रहा है कि चरणजीत सिंह और शिवराज नाम के दो युवकों पर कुछ बदमाशों ने चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में दोनों युवक बुरी तरह लहूलुहान हो गए।

हमले के तुरंत बाद, बेहद गंभीर हालत में चरणजीत को श्रीगंगानगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान अगले ही दिन उसने दम तोड़ दिया। वहीं, हमले में घायल दूसरे युवक शिवराज का अस्पताल में अभी भी इलाज चल रहा है।

पुलिस के अनुसार, इस खूनी खेल से ठीक दो दिन पहले चरणजीत ने सब-इंस्पेक्टर माला सिंह को एक लिखित शिकायत दी थी। इस शिकायत में उसने बताया था कि आरोपी एक लड़की के साथ छेड़छाड़ और उत्पीड़न कर रहे हैं। पुलिस का भी यही मानना है कि संभवतः इस शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया।

शिकायत पर पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। इसी का बदला लेने की नीयत से आरोपियों ने चरणजीत और उसके साथी पर यह खौफनाक हमला किया।

चरणजीत की मौत के बाद 5 जुलाई को गुस्साए परिजनों ने स्थानीय पुलिस स्टेशन के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई।

इस मामले के तूल पकड़ने पर जिला प्रमुख दुलाराम मेघवाल ने भी बीकानेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) को एक कड़ा पत्र लिखा है। उन्होंने अपने पत्र में सब-इंस्पेक्टर माला सिंह पर जानबूझकर शिकायत की अनदेखी करने का सीधा आरोप लगाया है।

दुलाराम मेघवाल ने स्पष्ट किया कि चरणजीत एक दलित परिवार से ताल्लुक रखता था। उन्होंने मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मामले की गंभीरता और बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक ने श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक (SP) हरिशंकर को तुरंत जांच शुरू करने के निर्देश दिए। आईजी के आदेश के बाद एसपी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआई माला सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

फिलहाल इस मामले की विभागीय जांच लंबित है। पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसपी हरिशंकर ने बताया कि पूरी घटना की गहनता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन कर दिया गया है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

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