दीपके, दास और रांका सहित कॉकरोच जनता पार्टी के सभी लीडर्स हिरासत में; CJP बोली- विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा

लीगल टीम की हेड रत्ना सिंह, पालिसी हेड मेहर भी की जा चुकी हैं डीटेन
फाइल फोटो
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नई दिल्ली- जंतर मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके तथा सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह मुंबई से दिल्ली आने वाली उड़ान में हिरासत में ले लिया।

एयर इंडिया की उड़ान के दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिसकर्मियों ने विमान में चढ़कर अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सीधे बोर्ड पर हिरासत में लिया। विमान के अंदर पुलिस के घेरे में रिकॉर्ड किए गए वीडियो बयान में अभिजीत दिपके ने कहा, “यह तो इंदिरा गांधी ने भी आपातकाल के दौरान नहीं किया था; यह उससे भी बदतर स्थिति है और हम सभी गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं।” सह-संयोजक सौरव दास ने कहा कि अधिकारी संवैधानिक आंदोलन को बलपूर्वक रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

भारी बैरिकेडिंग, इंटरनेट सस्पेंशन और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में व्यापक हिरासत के बावजूद कॉकरोच जनता पार्टी का रुख साफ है। पार्टी का जोर है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन नेतृत्व के साथ या बिना नेतृत्व के आगे बढ़ेगा।

प्रभावशाली और सामाजिक कार्यकर्ता ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर 56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया। सीजेपी कानूनी प्रकोष्ठ की प्रमुख रत्ना सिंह को दिल्ली स्थित उनके घर से पुलिस वाहनों के घेरे में घेरकर उठाया गया, जबकि पार्टी प्रवक्ता मेहर को भी सुबह जल्दी उनके आवास से हिरासत में लिया गया।

सीमाओं, ट्रांजिट हब और आसपास की सड़कों पर पार्टी के एक हजार से अधिक स्वयंसेवक, कार्यकर्ता और शांतिपूर्ण नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों ने स्थानीय स्टेडियमों को अस्थायी हिरासत केंद्रों में बदल दिया है।

कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व ने युवाओं और देश के हर नागरिक से अपील की है कि वे महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के सिद्धांतों पर आधारित इस आंदोलन को आगे बढ़ाएं। पार्टी ने एक स्टेटमेंट में कहा- अब राज्य जन विरोध को चुप कराने के लिए बड़े पैमाने पर हिरासत का इस्तेमाल करता है, तब जनता को लोकतंत्र बचाने के लिए आगे आना चाहिए। मूल मांग अपरिवर्तित हैमुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत इस्तीफा देना होगा।

इधर, दिल्ली पुलिस की कारवाई का विरोध करते हुए आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा, " "दिल्ली पुलिस बसों, ट्रेनों, सड़कों और घरों से बिना किसी ठोस वजह के नागरिकों को हिरासत में ले रही है। वे कहते हैं कि उन्हें डर नहीं है, वे कहते हैं कि विरोध प्रदर्शन नाकाम रहेगा। लेकिन सच सबके सामने है।जंतर-मंतर 2.0 शुरू हो चुका है!"

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