
नई दिल्ली: स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने NTA से 21 जून को NEET-UG री-एग्जाम के सभी केंद्रों का अटेंडेंस डेटा तुरंत जारी करने की मांग की है। मई में पेपर लीक विवाद के बाद रद्द हुए एग्जाम के री-टेस्ट में बड़े पैमाने पर गैर-हाजिरी देखने को मिली, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर फिर सवाल खड़े हो गए हैं।
SFI के अनुसार, कोयंबटूर के केंद्रों में मात्र 75.63% अटेंडेंस दर्ज की गई, जहां 7092 रजिस्टर्ड उम्मीदवारों में से 1728 गायब रहे। तिरुचिरापल्ली (तिरुची) में भी 1799 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। कई अन्य केंद्रों में भी अटेंडेंस में अनियमितताएं सामने आई हैं।
पिछले प्रयास में करीब 22 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे, लेकिन NTA ने री-एग्जाम के लिए सिर्फ “20 लाख से ज्यादा” अभ्यर्थियों के आने का बयान दिया। यानी लगभग 2 लाख छात्र परीक्षा देने नहीं पहुंचे। SFI ने इस “अनुचित गैप” पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मई का एग्जाम रद्द होने के बाद छात्रों और उनके परिवारों पर भारी मानसिक दबाव पड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पूरे मामले में करीब 20 छात्रों ने आत्महत्या कर ली। SFI का आरोप है कि NTA और शिक्षा मंत्रालय (MHRD) की लगातार लापरवाही ने खासकर गरीब और वंचित वर्ग के छात्रों को और अधिक आर्थिक-मानसिक संकट में धकेल दिया है।
“वन नेशन, वन एग्जाम” नीति की नाकामी: SFI ने कहा कि यह घटनाक्रम “वन नेशन, वन एग्जाम” नीति की असफलता को उजागर करता है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदर्श एम. साजी और महासचिव श्रीजन भट्टाचार्य ने बयान जारी कर कहा, “NTA को सभी केंद्रों का विस्तृत अटेंडेंस डेटा सार्वजनिक करना चाहिए।”
SFI की मांग
NEET री-एग्जाम के सभी केंद्रों का पूरा अटेंडेंस रिकॉर्ड तुरंत जारी किया जाए।
शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और हायर एजुकेशन के सभी हितधारकों से इस अनियमितता की जांच करने की अपील।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर भी SFI ने सवाल उठाया है। यह मामला NEET की विश्वसनीयता पर फिर से संदेह पैदा कर रहा है। NTA अब तक इस गैप पर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण नहीं दे पाया है। छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
इधर कोकरोच जनता पार्टी द्वारा नीट पेपर लीक के मुद्दे पर 20 जून से जंतर मंतर पर किये जा रहे प्रदर्शन में अब नीट स्टूडेंट्स भी पहुंचने लगे हैं. सोमवार को धरने के तीसरे दिन काफी संख्या में स्टूडेंट्स मंच पर आये और उन्होंने अपना गुस्सा जाहिर किया. एक छात्रा ने सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछा, " क्या आपने कभी रात के 3-3 बजे तक पढ़ाई की है? हमने की है और जिन स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की, वे डीसर्विंग थे लेकिन आप नहीं हैं, आपको कुर्सी पर रहने का कोई हक़ नहीं है"। कोकरोच जनता पार्टी ने सोमवार शाम को केंडल जलाकर नीट प्रकरण में जान देने वाले 21 स्टूडेंट्स को याद करने का एलान किया और धरना स्थल पर केंडल लेकर पहुँचने को कहा लेकिन फाउंडर अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस लोगों से मोमबत्तियां सीज कर रही हैं।
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