
नई दिल्ली- पेपर लीक की बढ़ती घटनाओं, परीक्षा प्रणाली में कुप्रबंधन और बढ़ती छात्र आत्महत्याओं के बीच 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक भावनात्मक खुला पत्र लिखकर शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही की मांग की है। पत्र में दीपके ने सरकार से प्रभावित परिवारों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की अपील की है। साथ ही 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर देशव्यापी प्रदर्शन का ऐलान भी किया है।
पत्र की शुरुआत दीपके ने "भारी मन" के साथ करते हुए प्रधानमंत्री का ध्यान उस "बढ़ते संकट" की ओर दिलाया है, जो देश के भविष्य यानी युवा छात्रों की जान और मानसिक सेहत के लिए खतरा बन गया है।
दीपके ने अपने पत्र में बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में 11 युवा छात्रों ने आत्महत्या की है। सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि इनमें से 5 दिल दहला देने वाली मौतें पिछले 48 घंटों के भीतर हुई हैं। पत्र में चिंता जताई गई है कि यह खतरनाक सिलसिला कम होने की बजाय और तेज़ होता जा रहा है, खासकर जब आगामी पुनः परीक्षाओं का दबाव युवाओं पर बढ़ रहा है। दीपके ने अपने पत्र में बताया," पिछले कुछ हफ़्तों में, हमने दुखद रूप से 11 युवा छात्रों को आत्महत्या के कारण खो दिया है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से पाँच दिल दहला देने वाली मौतें पिछले 48 घंटों में ही हुई हैं।
यह खतरनाक सिलसिला कम होने के बजाय और तेज़ होता जा रहा है क्योंकि हमारे युवाओं पर आने वाली दोबारा परीक्षाओं का दबाव बढ़ रहा है। पिछले दो महीनों में, मैं व्यक्तिगत रूप से उन छात्रों के दुखी परिवारों से मिला हूँ जिन्होंने आत्महत्या की है। बच्चे को खोने के असहनीय भावनात्मक सदमे के अलावा, ये परिवार अब गंभीर आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं; बेहतर भविष्य की उम्मीद में, कई लोगों ने अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए भारी शिक्षा ऋण लिया था, जो सिस्टम की नाकामियों के कारण बेरहमी से टूट गए।
जिन बच्चों की शिक्षा पर उन्होंने अपनी जीवन भर की बचत खर्च की थी, उन्हें खोने के बाद ये परिवार पूरी तरह से बेसहारा हो गए हैं। सरकार को तुरंत राहत देने के लिए कदम उठाना चाहिए। हमारी मांग है कि आपका प्रशासन उन सभी परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवज़ा दे, जिन्होंने पेपर लीक के बढ़ते संकट के कारण आत्महत्या की घटना का सामना किया है।"
पत्र में 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा पिछले एक महीने से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और देशभर में किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया गया है।
दीपके ने लिखा:
"हम छात्र बस इतना चाहते हैं कि जान जाने के लिए किसी की जवाबदेही तय हो। नेतृत्व को जवाबदेह ठहराना हमारे शिक्षा ढांचे में लाखों छात्रों और अभिभावकों का भरोसा बहाल करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम है।"
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सिस्टम की नाकामियों को दूर करने और जिम्मेदार नेतृत्व को बदलने के लिए तुरंत कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो अनजाने में यह संदेश जाएगा कि प्रशासन मौजूदा हालात को ही स्वीकार करता है।
दीपके ने पीएम मोदी को संबोधित करते हुए कहा:
"हम आपसे सम्मानपूर्वक अनुरोध करते हैं कि आप शिक्षा मंत्री को बर्खास्त करें। वे आपकी मर्ज़ी से पद पर हैं और अंतिम ज़िम्मेदारी प्रधानमंत्री की ही होती है। यह मानकर कि धर्मेंद्र प्रधान ने भारत के शिक्षा तंत्र को बर्बाद कर दिया है और उन्हें हटाने के लिए कड़ा कदम उठाकर, आप कमज़ोरी नहीं दिखाएंगे। इसके बजाय, आप देश को यह दिखाएंगे कि आपमें सच्ची जवाबदेही लागू करने की ताकत और संकल्प है।"
उन्होंने आगाह किया कि अगर सरकार ने अपने लोगों की परवाह नहीं की, तो लाखों नागरिक खुद को पूरी तरह से निराश, अकेला और बेसहारा महसूस करेंगे।
पत्र में दीपके ने घोषणा की है कि:
"अपनी मांग रखने के लिए पूरे भारत से छात्र 20 जून से जंतर-मंतर पर इकट्ठा हो रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आपकी सरकार भारत के भविष्य की आवाज़ सुनेगी।"
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