
पटना- देशभर में पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने और शिक्षा व्यवस्था में लगातार बढ़ती अव्यवस्थाओं के खिलाफ तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) पटना विश्वविद्यालय इकाई द्वारा शुक्रवार को कारगिल चौक, पटना में एकजुटता प्रदर्शन आयोजित किया गया।
यह प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर AISA के राष्ट्रीय आह्वान पर आयोजित विरोध के समर्थन में किया गया, जहां छात्रों ने NEET-UG 2026 पेपर लीक सहित बार-बार हो रही परीक्षा अनियमितताओं, NTA की कार्यप्रणाली और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाते हुए कहा कि शिक्षा का भविष्य माफिया के हाथों सौंप दिया गया है और सरकार छात्रों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रही है।
कल पटना में और रविवार को आरा में छात्र संगठनों के नेतृत्व में धरने-प्रदर्शन हुए, जिसमें AISA की सक्रिय भूमिका रही। स्टूडेंट्स का कहना है कि बीते 7 सालों में 70 से अधिक पेपर लीक हुए और उन सबके पीछे जिम्मेदार व्यक्ति धर्मेन्द्र प्रधान हैं।
AISA पटना यूनिट के नेताओं ने संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि NEET, BPSC, TRE, AEDO और अन्य परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और धांधली से लाखों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। उन्होंने NTA को भंग करने, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जिसमें छात्रों ने बैनर, पोस्टर और प्लेकार्ड्स के साथ अपनी नारेबाजी की।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के बिहार राज्य अध्यक्ष धनंजय ने द मूकनायक को बताया कि कल पटना में भी इसी मुद्दे को लेकर छात्रों ने धरना दिया था, जबकि आज आरा में AISA और RYA (Revolutionary Youth Association) के कार्यकर्ताओं ने TRE-4 लाठीचार्ज और NEET पेपर लीक के विरोध में विरोध मार्च निकाला। आरा में छात्रों ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था की बदहाली और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया। RYA भाकपा-माले (CPI-ML) की युवा शाखा है और राज्य में छात्रों व युवाओं के मुद्दों पर मुखर होकर आंदोलन चला रही है।
बिहार में पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा चरम पर है। BPSC, पुलिस भर्ती (दारोगा) और अन्य परीक्षाओं में लगातार उभर रहे लीक के आरोपों ने पूरे राज्य को हिला रखा है। छात्र संगठन सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि दोषियों को बचाने और परीक्षाओं को रद्द न करने की नीति अपनाई जा रही है, जिससे मेरिट वाले छात्रों का नुकसान हो रहा है।
AISA ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र और राज्य सरकारें इन मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई नहीं करती हैं तो आंदोलन और तेज होगा। छात्रों की मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, NTA को भंग किया जाए, सभी लीक मामलों की CBI जांच हो और प्रभावित परीक्षाएं दोबारा निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएं।
यह प्रदर्शन देशव्यापी छात्र आंदोलन का हिस्सा हैं, जो शिक्षा क्षेत्र में गहरी जड़ें जमा चुकी कमर्शियलाइजेशन, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के खिलाफ है। छात्रों का कहना है कि "हम अपने भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे"। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर भारी बल तैनात किया था, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त हुआ।
बिहार सहित पूरे देश के छात्र अब एकजुट होकर शिक्षा सुधार और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है। बिहार में इससे पहले बक्सर और छपरा में भी कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया।
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