
दिल्ली- केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री तथा रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदास अठावले ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक थ्रेड पोस्ट कर आरक्षण के मुद्दे पर चल रही भ्रामक मुहिम का जवाब दिया। उन्होंने साफ कहा कि सीजेपी आंदोलन की आड़ में विरोधियों ने सरकार को बदनाम करने का नया पैंतरा अपनाया है और सोशल मीडिया पर ‘आरक्षण हटाओ’ जैसी नफरती मुहिम चलाई जा रही है।
अठावले ने अपने पहले पोस्ट में लिखा, “पिछले कुछ दिनों से सीजेपी आंदोलन की आड़ में विरोधियों ने सरकार को बदनाम करने का एक नया पैंतरा ढूंढ लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ‘आरक्षण हटाओ’ की एक भ्रामक और नफरती मुहिम शुरू की गई है, जहाँ कुछ लोग जानबूझकर आरक्षण को केवल ‘गरीबी हटाने’ का माध्यम बताकर दुष्प्रचार कर रहे हैं। पर्दे के पीछे छिपकर वार करने वाले ऐसे लोगों को मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि हमारी एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे बेवकूफों और उनकी बेतुकी मांगों का कतई समर्थन नहीं करते। इसके उलट, मोदी जी खुद भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जी के विचारों को पूरी निष्ठा के साथ आगे ले जा रहे हैं।”
थ्रेड के दूसरे हिस्से में उन्होंने और सख्त स्वर अपनाया। अठावले ने कहा, “कुछ अराजक तत्व देश के खिलाफ साजिश रचकर हमारे युवाओं को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे कान खोलकर सुन लें किसी का बाप भी हमारे आरक्षण के अधिकार को हिला नहीं सकता! अगर किसी ने हमारे अधिकारों को छीनने की कोशिश की, तो उससे कैसे लड़ना है, यह हमें सिखाने की जरूरत नहीं है। कई पीढ़ियों से हम इसके लिए लड़ते आए हैं, जाकर हमारा इतिहास पढ़ लेना! चाहे कोई कितनी भी ताकत लगा ले, बाबासाहेब का दिया हुआ यह अधिकार पूरी तरह सुरक्षित है।”
अठावले ने सोशल मीडिया कंपनियों को सीधे चेतावनी दी। उन्होंने लिखा, “मैं @Meta @facebook @instagram @X @X_indo_ और अन्य सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को स्पष्ट चेतावनी दे रहा हूँ कि आपके प्लेटफॉर्म से यह आरक्षण विरोधी कंटेंट तुरंत हट जाना चाहिए, वरना हमें आपको इस देश से हटाना पड़ेगा! अगर इन भ्रामक पोस्ट्स की वजह से देश में कोई भी गंभीर कानून व्यवस्था (Law and Order) की स्थिति बिगड़ती है, तो उसकी शत-प्रतिशत जिम्मेदारी मेटा और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की होगी। जवाबदेही तय करते वक्त किसी भी प्रकार की दया नहीं दिखाई जाएगी। मुझे अपेक्षा है कि अगले 10 दिनों के भीतर आप यह सारा कंटेंट अपने प्लेटफॉर्म से हटा देंगे। और जो लोग आरक्षण हटाने के मुंगेरीलाल के हसीन सपने देख रहे हैं, वे अपने दिमाग से यह फितूर हमेशा के लिए निकाल दें!” उन्होंने इस पोस्ट में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (@MIB_India) को भी टैग किया।
अठावले के इस बयान में आरक्षण को बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकार के रूप में रेखांकित किया गया है। उन्होंने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अधिकार के खिलाफ किसी भी मांग का समर्थन नहीं करते। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि आरक्षण को केवल आर्थिक गरीबी हटाने का साधन बताना दुष्प्रचार है।
इसी बीच भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर आजाद का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है। आजाद ने आरक्षण को लेकर चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर चोर दरवाजे से आरक्षण खत्म करने का प्रयास किया गया या वंचित वर्गों में बंटवारा करने का षड्यंत्र किया गया तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।
रामदास अठावले का यह थ्रेड पोस्ट बुधवार सुबह एक्स पर जारी किया गया। इसमें उन्होंने आरक्षण विरोधी कंटेंट को तुरंत हटाने की समयसीमा भी तय की है और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति में प्लेटफॉर्म्स की पूरी जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।
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