
नई दिल्ली: रुद्रपुर में एक 20 वर्षीय दलित युवक और उसके दोस्तों पर हुए जानलेवा हमले के बाद वाल्मीकि समाज का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में समुदाय के लोगों ने दिल्ली-हल्द्वानी हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी इस मामले में आरोपी भाजपा मंडल महामंत्री पारस चुघ की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। यह विरोध प्रदर्शन पारस के भाई सन्नी चुघ की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद हुआ, क्योंकि मुख्य आरोपी पारस को अब तक पुलिस ने हिरासत में नहीं लिया है।
यह घटना 7 अगस्त, शुक्रवार की रात की है। काशीपुर फ्लाईओवर के पास एक चारपहिया वाहन की टक्कर एक स्कूटर से हो गई थी, जिसके बाद यह विवाद शुरू हुआ। देखते ही देखते इस बहस ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि चुघ भाइयों और उनके गुर्गों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर जानलेवा हमला किया, जिसमें तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों पर मारपीट के दौरान जातिसूचक गालियां देने का भी गंभीर आरोप लगा है।
इस बर्बर हमले का शिकार हुए अभिषेक वाल्मीकि की हालत बेहद नाजुक है। वह बरेली के एक निजी अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है, जहां डॉक्टरों ने उसके बचने की उम्मीद बहुत कम बताई है। पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता पारस चुघ, उनके भाई सन्नी चुघ और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 (हत्या का प्रयास) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
हाईवे जाम करने से पहले प्रदर्शनकारी रुद्रपुर नगर निगम परिसर में जमा हुए थे, जहां उन्होंने सफाई कार्य के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान करते हुए आरोपियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगर निगम में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्यरत और पीड़ित अभिषेक की मां पूजा देवी ने प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक विधवा मां होने के नाते उन्होंने कहा कि उन्हें मेयर से न्याय की उम्मीद थी, लेकिन पारस चुघ की उनसे नजदीकियों के कारण पुलिस उसे गिरफ्तार करने से बच रही है।
एफआईआर दर्ज होने के बावजूद मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने से वाल्मीकि समाज का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा था। सोमवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने आरोपियों पर कार्रवाई के लिए दोपहर 2 बजे तक का समय मांगा था।
इसके बाद सीओ अखिलेश कुमार सिंह ने नगर निगम पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की, लेकिन इस चर्चा का कोई नतीजा नहीं निकला। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कड़ी मशक्कत के बाद करीब 15 मिनट में हाईवे से जाम खुलवाया जा सका।
एसपी उत्तम सिंह नेगी ने मामले में सन्नी चुघ की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है। इससे पहले रुद्रपुर के प्रभारी सीओ प्रशांत कुमार ने भी घटना को लेकर केस दर्ज होने की जानकारी दी थी। इस बीच, कांग्रेस के प्रदेश सचिव मोहन खेड़ा ने नगर निगम पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया, हालांकि पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में ले लिया।
वहीं, रुद्रपुर के विधायक शिव अरोड़ा ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं करेगी और कानून अपना काम करेगा, चाहे आरोपी कोई भी हो।
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