
भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मानसून ट्रफ और लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से प्रदेश में सक्रिय हुए सीजन के सबसे स्ट्रॉन्ग सिस्टम के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश के कारण सड़कों, कॉलोनियों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई स्थानों पर आवागमन रोकना पड़ा है। जलभराव और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। इन अभियानों में अब तक 98 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। रेस्क्यू टीमों ने सात गोवंश और चार पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बाहर निकाला।
सीहोर में घर में फंसी गर्भवती महिला को रबर बोट से निकाला
होमगार्ड की महानिदेशक प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि 10 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों से जलभराव और बाढ़ के बीच नागरिकों के फंसे होने की सूचनाएं मिली थीं। सूचना मिलते ही संबंधित जिलों में तैनात एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमों को सक्रिय किया गया। टीमों ने स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किए और पानी से घिरे इलाकों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
सीहोर में बारिश के कारण स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही। जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर एक नाले में तेज बहाव के कारण एक घर पानी से घिर गया था। घर में 23 वर्षीय गर्भवती महिला अपने तीन स्वजनों के साथ फंस गई थी। सूचना मिलने पर रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और तेज बहाव के बीच रबर बोट की मदद से चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते हुई इस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।
विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोग सुरक्षित निकाले गए
विदिशा में भी भारी बारिश के बाद कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने। बाढ़ के पानी में 17 लोग फंस गए थे। सूचना मिलने के बाद राहत और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। लगातार बारिश और जलस्तर बढ़ने के कारण कई स्थानों पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने की कार्रवाई की गई।
खंडवा और राजगढ़ में भी जलभराव और तेज बहाव के बीच लोगों के फंसे होने की सूचनाएं मिलीं। रेस्क्यू टीमों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लोगों को सुरक्षित निकाला। प्रशासन और बचाव दलों की टीमें संवेदनशील इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं। भारी बारिश के कारण जहां मानव जीवन प्रभावित हुआ, वहीं पशु भी संकट में फंसे। रेस्क्यू टीमों ने सात गोवंश और चार पालतू पशुओं को भी सुरक्षित बाहर निकाला।
भोपाल में 24 घंटे में करीब 7 इंच बारिश, कई कॉलोनियां डूबीं
प्रदेश में सक्रिय स्ट्रॉन्ग सिस्टम का सबसे ज्यादा असर राजधानी भोपाल में देखने को मिला। यहां 24 घंटे के दौरान करीब 7 इंच बारिश दर्ज की गई। इतनी अधिक बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई जगह सड़कें पानी में डूब गईं और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
भारी बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा। कई स्थानों पर तेज बहाव के चलते रास्तों पर आवागमन रोकना पड़ा। शहर में जलभराव के कारण कई वाहन पानी में फंसे नजर आए। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें जलभराव वाले इलाकों में स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
ब्यावरा में रेलवे अंडरपास डूबा, 25 गांवों का संपर्क टूटा
राजगढ़ जिले में भी बारिश ने भारी परेशानी खड़ी कर दी। ब्यावरा के रेलवे अंडरपास में पानी भर जाने के कारण आसपास के करीब 25 गांवों का संपर्क प्रभावित हो गया। अंडरपास में पानी का स्तर बढ़ने के बाद आवागमन रोकना पड़ा। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
राजगढ़ में ही बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा भी हुआ। नाले के तेज बहाव में एक ईको वैन बह गई। हादसे में तीन बच्चों और दो महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने इलाके में मातम पसरा दिया। लगातार बारिश और नदी-नालों में बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन लोगों से तेज बहाव वाले रास्तों और पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील कर रहा है।
सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ में भी जनजीवन प्रभावित
राजधानी भोपाल के अलावा सीहोर, शाजापुर, विदिशा, मंडला और राजगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश का व्यापक असर देखने को मिला। कहीं सड़कें जलमग्न हुईं तो कहीं नदी-नालों का पानी पुल-पुलियों के ऊपर से बहने लगा। कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रदेश के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह तक बारिश का दौर जारी रहा। आधे से ज्यादा जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई है। लोगों को नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
भोपाल, आगर-मालवा और रायसेन में स्कूलों की छुट्टी
भारी बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने भोपाल, आगर-मालवा और रायसेन जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। लगातार बारिश के कारण बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने की अपील की है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में 98 लोग सुरक्षित
एसडीईआरएफ और होमगार्ड की टीमों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में चलाए रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान 98 लोगों को सुरक्षित निकाला। इसके अलावा सात गोवंश और चार पालतू पशुओं को भी बचाया गया। सीहोर में गर्भवती महिला समेत चार लोगों को रबर बोट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला गया, जबकि विदिशा में बाढ़ के पानी में फंसे 17 लोगों का रेस्क्यू किया गया।
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