
मुंबई- आईआईटी बॉम्बे के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच मुंबई पुलिस ने रविवार को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। आईआईटी बॉम्बे गेट के पास प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय स्वतंत्र अनुसूचित जाति संघ (AIISCA) के फाउंडर राहुल सोनपिम्पल, दीपाली सालवे, साहिल के माता-पिता रवींद्र वाकोड़े और सोनाली वाकोड़े को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों पर बर्बर व्यवहार के आरोप लगे हैं।
AIISCA की महाराष्ट्र महासचिव दीपाली सालवे ने सोशल मीडिया पर अपडेट देते हुए बताया कि मुंबई पुलिस ने साहिल के माता-पिता को हिरासत में लिया और छात्रों के साथ बर्बरता बरती। उनके अनुसार महिला प्रदर्शनकारियों को घसीटा गया, उनके निजी अंगों को छुआ गया और उन्हें पीटा गया। उन्होंने वकीलों और कार्यकर्ताओं से साकीनाका पुलिस स्टेशन पर पहुंचने की अपील की। सालवे ने बताया कि वाकोडे दम्पत्ति को आज़ाद मैदान पुलिस थाने ले जाया गया है।
यह घटना साहिल वाकोड़े की मौत के ठीक एक महीने बाद हुई है। साहिल एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्र थे जिसने 18 सितंबर को आत्महत्या की थी। उनके माता-पिता का आरोप है कि बेटे के साथ जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न हुआ। पिता रवींद्र वाकोड़े की शिकायत पर प्रोफेसर सूर्यनारायण डूल्ला के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (BNS धारा 108) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत FIR दर्ज हुई है। परिवार ने निदेशक शिरीष केदारे की गिरफ्तारी की भी मांग की है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच जांच कर रही है।
साहिल के माता-पिता कई दिनों से आजाद मैदान पर अनशन पर बैठे हैं। इससे पहले भी सितंबर में उन्हें भाण्डुप में हिरासत में लिया गया था जब वे कैंपस जाने वाले थे। 14 अक्टूबर को भी ‘चलो आईआईटी बॉम्बे’ के आह्वान पर राहुल सोनपिंपले, दीपाली सालवे और अन्य अम्बेडकरवादी नेताओं को कैंपस के बाहर हिरासत में लिया गया था।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संस्थागत हत्या, कवर-अप और व्यवस्थागत चुप्पी के एक महीने बाद भी उनका संकल्प अटल है। वे न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कर रहे हैं। रविवार को AIISCA ने ' चलो IIT बॉम्बे ' प्रोटेस्ट का आह्वान किया था और साहिल की मौत के एक माह बाद भी दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं होने पर आन्दोलन की चेतावनी दी थी। हिरासत में लिए जाने के बाद दीपाली ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि "हर हिरासत में लिए गए व्यक्ति के लिए आधा दर्जन पुलिस अधिकारी तैनात हैं। प्रदर्शन कर रहे अंबेडकरवादियों के खिलाफ इतनी भारी तैनाती? मुंबई पुलिस आखिर किसकी सुरक्षा कर रही है? पुलिस ने हमें मुक्के मारे, घसीटा और काटा है।" पुलिस ने सभी हिरासत में लिए लोगों को साकीनाका, पवई और आज़ाद मैदान पुलिस थानों में अलग अलग रखा है।
NCP प्रवक्ता अनिश गवांडे ने मुंबई पुलिस के इस एक्शन की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "मुंबई पुलिस IIT बॉम्बे कैंपस के अंदर से छात्रों को बेरहमी से हिरासत में ले रही है। आखिर चल क्या रहा है?"
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