
संगोट्टई (तेनकासी) – तमिलनाडु के तेनकासी जिले के संगोट्टई ने एक बार फिर जातिगत ऑनर किलिंग का काला सच सामने रखा है। 21 वर्षीय देवेंद्रकुला (दलित) समुदाय के युवक सुभाष की उस वक्त बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब वह सिर्फ एक नाबालिग से दोस्ताना बातचीत कर रहा था। हत्यारों ने उसे हंसिया से काटा, पत्थरों से कुचला और फिर हाथ-पैरों पर बोझ बांधकर कुएं में फेंक दिया। चुनाव प्रचार के चलते इस मामले को ज्यादा मीडिया कवरेज नहीं मिला जिससे घटना की जानकारी व्यापक लेवल पर नहीं फैली। एविडेंस संगठन की टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले की गंभीरता सामने आई है।
सुभाष की मां लीला और अन्य रिश्तेदारों ने 26 मई को "एविडेंस" कार्यालय जाकर औपचारिक शिकायत याचिका प्रस्तुत की। सुभाष, सामी और लीला दंपति का सबसे छोटा बेटा था। वह बेंगलुरु की एक निजी कंपनी में कार्यरत था। जानकारी के मुताबिक, 21 वर्षीय सुभाष अपनी बहन के बच्चे के मुंडन संस्कार में शामिल होने संगोट्टई आया था। यहां उसकी एक 16 वर्षीय मरावर समुदाय की लड़की से दोस्ताना बातचीत हुई। इस बात से नाराज समुदाय के मरीचेल्वम (27), धनशंकर (24) और एक 17 वर्षीय असारी समुदाय के किशोर ने 15 अप्रैल को सुभाष से झगड़ा किया।
रिपोर्ट के अनुसार, सुभाष बेंगलुरु में प्राइवेट कंपनी में काम करता था, 16 अप्रैल की रात करीब 2:30 बजे आरोपी धनशंकर ने उसे फोन कर बुलाया। सुभाष जैसे ही कन्नुपुली मेट्ट रोड पर पहुंचा, तीनों ने उसे घेर लिया और पूछा – “तुम हमारी जाति की लड़की से कैसे बात कर सकते हो?”
इसके बाद उसे बुरी तरह पीटा गया, उसकी धोती फाड़ दी गई, हंसिया से गला काटा गया और शव पर बड़े-बड़े पत्थर रखकर खंडहर कुएं में फेंक दिया गया।
इस घटना के संबंध में सेंगोट्टई पुलिस स्टेशन में अपराध संख्या 0166/2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें बीएनएस अधिनियम, 2023 की धारा 238 और 103(1) तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(आर) और 3(2)(वी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में घटनास्थल से शराब की बोतलें, खून से सने पत्थर और रेत की मौजूदगी की पुष्टि हुई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद कर लिए हैं। सुभाष ने जिस लडकी से सौहार्दपूर्ण ढंग से बात की थी, उसके परिवार और रिश्तेदार हत्या करने वाले समूह में शामिल नहीं थे।
पुलिस ने पुष्टि की है कि यह हत्या सिर्फ इसलिए की गई क्योंकि सुभाष ने एक ‘ऊंची जाति’ की लड़की से बात कर ली थी। संगोट्टई पुलिस ने शुरू में लापता होने का मामला दर्ज किया था, बाद में दूसरी धाराएं जोड़ी गई। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज दिया गया है। दो आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर्स एक्ट भी लगाया गया है।
सुभाष की मां लीला ने 26 मई को पुलिस चीफ, चीफ सेक्रेटरी, DGP और राष्ट्रीय SC/ST आयोग को शिकायत भेजी है। उनकी प्रमुख मांगें हैं:
1. ऑनर किलिंग के खिलाफ तमिलनाडु सरकार तुरंत अलग कानून बनाए।
2. पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा, सरकारी नौकरी, 20 हजार रुपये मासिक पेंशन और कृषि योग्य भूमि दी जाए।
3. तीनों आरोपियों को फैसला आने तक जमानत न दी जाए।
गौरतलब है कि साल 2021 से 2025 के बीच तमिलनाडु में जातिगत ऑनर किलिंग में 59 लोग मारे जा चुके हैं। इस साल अप्रैल में सुभाष और मई में कोविलपट्टी में संजय नामक युवक की हत्या हुई। एविडेंस के एक्टिंग डायरेक्टर ए. कथिर का कहना है, “चुनावी शोर में यह मामला दब गया, लेकिन अब हकीकत सामने आनी चाहिए। अदालत से सख्त सजा की उम्मीद है।”फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, और मामले की आगे की जांच जारी है।
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