
भोपाल। त्विषा शर्मा आत्महत्या मामले की जांच में सामने आए वाट्सएप मैसेजों ने घटना से पहले की उनकी मानसिक स्थिति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सीबीआई की ओर से भोपाल की अदालत में दाखिल 636 पन्नों के आरोपपत्र के मुताबिक, त्विषा लंबे समय से अपने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के कथित व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना से परेशान थीं। जांच एजेंसी के अनुसार, आत्महत्या से पहले के दिनों में त्विषा ने अपनी मां और भाभी राशि को लगातार संदेश भेजकर अपनी परेशानी, घुटन, अकेलेपन और वैवाहिक जीवन में बढ़ते तनाव के बारे में बताया था। इन संदेशों को सीबीआई ने अपनी जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।
आखिरी दिनों में लगातार बढ़ती जा रही थी बेचैनी
सीबीआई के आरोपपत्र में दर्ज संदेशों से पता चलता है कि अप्रैल के अंतिम दिनों से ही त्विषा मानसिक तनाव में थीं। 30 अप्रैल को मां को भेजे संदेश में उन्होंने पति के बात नहीं करने और भोपाल बुलाने के बाद फिर विवाद होने की शिकायत की। उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने और यात्रा के दौरान घबराहट का दौरा पड़ने की बात भी कही थी। संदेश में उन्होंने अपनी जिंदगी को बेहद मुश्किल बताया था। इसके बाद मई के पहले सप्ताह में उनके संदेशों का सिलसिला और गंभीर होता गया।
7 मई को तड़के उन्होंने अपनी मां से उन्हें वहां से ले जाने का आग्रह किया। संदेश में उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि समर्थ अब उन्हें नहीं चाहते और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें। उन्होंने मां से अकेले आने और दोनों के साथ वापस जाने की बात भी कही। उसी दिन बाद में उन्होंने अपनी भाभी राशि को बताया कि समर्थ ने कथित तौर पर फिर वही व्यवहार शुरू कर दिया है और वह अब टूट रही हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें वहां अपना कोई भविष्य नजर नहीं आ रहा।
गर्भपात को लेकर पति के सवाल से बढ़ा विवाद
सीबीआई के आरोपपत्र के मुताबिक, 9 मई को त्विषा और उनके पति के बीच गर्भपात को लेकर विवाद हुआ। त्विषा ने अपनी मां को भेजे संदेशों में बताया कि समर्थ उनसे पूछ रहे थे कि जिस बच्चे का गर्भपात कराया गया, वह किसका बच्चा था। इस सवाल से वह बेहद आहत थीं। उन्होंने अपनी मां से कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम से परेशान हैं और उन्हें समझ नहीं आ रहा कि वह इस परिस्थिति में कैसे रहें।
इसी दौरान उन्होंने अपनी सास के व्यवहार का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि उनके सामने पति कथित तौर पर अलग बात कहते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों के सामने उनका पक्ष स्वीकार किया जाता है। त्विषा के संदेशों में बार-बार यह बात सामने आती है कि उन्हें लगता था कि उनकी बात पर विश्वास नहीं किया जा रहा है। उन्होंने अपनी मां से अपनी स्थिति को लेकर मदद मांगी और बताया कि घर का माहौल उनके लिए लगातार असहनीय होता जा रहा है।
भाभी को बताया- 'मेरा दम घुट रहा है'
9 मई की शाम भाभी राशि को भेजे संदेश में त्विषा ने अपने रिश्ते को लेकर निराशा जाहिर की। आरोपपत्र के मुताबिक, उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अब यह रिश्ता चल पाएगा। उन्होंने गर्भपात को लेकर पति द्वारा कथित सवाल किए जाने और सास के सामने अपनी बात रखे जाने का भी जिक्र किया।
इस संदेश में त्विषा की मानसिक स्थिति बेहद खराब होने के संकेत मिलते हैं। उन्होंने अपनी भाभी से कहा कि उनका दम घुट रहा है और वह इस परिस्थिति से बाहर निकलने का रास्ता तलाशना चाहती हैं। सीबीआई ने इन संदेशों को मामले की परिस्थितियों को समझने के लिए महत्वपूर्ण माना है। हालांकि, किसी भी आरोप की अंतिम पुष्टि अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद ही होगी।
परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच
आरोपपत्र में सीबीआई ने परिवार के भीतर पहले के विवादों और कथित प्रताड़ना के संबंध में भी बयान दर्ज किए हैं। जांच एजेंसी ने गिरिबाला सिंह के बड़े बेटे की पूर्व पत्नी दिव्या सिंह का बयान भी दर्ज किया है। सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार, दिव्या ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उन्हें बच्चा नहीं होने और नौकरी करने को लेकर मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था।
इस बयान को सीबीआई ने मामले की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा है। जांच एजेंसी का दावा है कि इससे परिवार में महिलाओं के साथ व्यवहार और वैवाहिक संबंधों से जुड़े कथित दबावों के बारे में अतिरिक्त जानकारी मिलती है। इन आरोपों की भी कानूनी जांच और न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होगी।
निवेश की रकम को लेकर भी दबाव का आरोप
सीबीआई की जांच में त्विषा के आर्थिक मामलों का पहलू भी सामने आया है। आरोपपत्र के मुताबिक, त्विषा ने चीनी शेयर बाजार में निवेश किया था और उनके डीमैट खाते में 20 लाख रुपये से अधिक के निवेश का विवरण मिला। जांच एजेंसी का आरोप है कि समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह इस निवेश को संयुक्त खाते में स्थानांतरित करने का दबाव बना रहे थे।
सीबीआई ने आर्थिक लेन-देन से जुड़े इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बनाया है। आरोपपत्र में दर्ज तथ्यों के अनुसार, निवेश की रकम और उसे लेकर कथित दबाव वैवाहिक विवाद की परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण बिंदु रहा।
11 मई तक संदेशों में दिखी गहरी मानसिक परेशानी
घटना से एक दिन पहले 11 मई को भी त्विषा ने अपनी मां को कई संदेश भेजे। इनमें उन्होंने बताया कि परिवार के लोगों को उनके मूड खराब रहने के पीछे नशीली दवाओं के इस्तेमाल का संदेह है। उन्होंने कहा कि कोई यह समझने की कोशिश नहीं कर रहा कि उनके तनाव का कारण उनके पति का व्यवहार भी हो सकता है। उन्होंने खुद को बेहद घुटन भरी स्थिति में फंसा हुआ बताया।
उसी दिन शाम को उन्होंने अपनी मां को बताया कि सास और समर्थ आपस में सामान्य तरीके से बात कर रहे हैं, जबकि वह खुद बेहद परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अब उनका मन कहीं नहीं लगता और उन्हें कुछ भी अच्छा नहीं लगता। सीबीआई के आरोपपत्र में शामिल ये संदेश घटना से ठीक पहले उनकी मानसिक स्थिति को समझने में अहम माने जा रहे हैं।
12 मई की रात आया आखिरी संदेश
12 मई की रात करीब 9:36 बजे त्विषा ने अपनी ननद/भाभी राशि को आखिरी WhatsApp संदेश भेजा। आरोपपत्र के मुताबिक, इस संदेश में उन्होंने अपने पति तक एक बेहद गंभीर संदेश पहुंचाने को कहा और लिखा कि उन्हें अभी शांति से मरने दिया जाए। इसके बाद उनकी मौत हो गई।
यह संदेश अब मामले की जांच में सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्यों में से एक माना जा रहा है। इससे पहले के दिनों में भेजे गए संदेशों के साथ इसे पढ़ने पर सीबीआई ने दावा किया है कि त्विषा लगातार मानसिक तनाव और कथित प्रताड़ना से जूझ रही थीं।
636 पन्नों के आरोपपत्र में सीबीआई का दावा
सीबीआई ने सोमवार को भोपाल न्यायालय में 636 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह की कथित मानसिक प्रताड़ना ने त्विषा को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाली परिस्थितियां पैदा कीं। आरोपपत्र में WhatsApp चैट, परिवार के सदस्यों के बयान, आर्थिक लेन-देन और अन्य जांच से जुड़े तथ्यों को शामिल किया गया है।
हालांकि, आरोपपत्र में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक परीक्षण के अधीन हैं। आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित किया जाना बाकी है और अंतिम दोषसिद्धि न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगी।
संदेशों से सामने आई एक रिश्ते के टूटने की कहानी
त्विषा के आखिरी दिनों के WhatsApp संदेशों को एक साथ देखने पर एक ऐसी महिला की तस्वीर सामने आती है जो अपने वैवाहिक जीवन में लगातार बढ़ते तनाव, परिवार के भीतर अविश्वास और खुद को अकेला महसूस किए जाने से परेशान थी। कभी वह मां से उन्हें वापस ले जाने की गुहार लगा रही थीं, तो कभी भाभी से अपने रिश्ते के भविष्य को लेकर बात कर रही थीं। कुछ संदेशों में वह परिवार से सहयोग और विश्वास चाहती दिखाई देती हैं।
12 मई की रात भेजा गया आखिरी संदेश इस पूरी घटनाक्रम की सबसे दर्दनाक कड़ी बनकर सामने आया है। अब अदालत में सीबीआई द्वारा पेश किए गए डिजिटल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह तय होना है कि त्विषा की मौत के लिए जिम्मेदार परिस्थितियां क्या थीं और आरोपपत्र में लगाए गए आरोप किस हद तक साबित होते हैं।
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