
भोपाल। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के सीधी जिले में आयोजित जिला स्तरीय समारोह इस बार अपने अलग अंदाज के लिए खास रहा। जिला प्रशासन ने परंपरागत रूप से केवल चुनिंदा विशिष्ट लोगों को मंच पर स्थान देने के बजाय समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े 71 नागरिकों को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया। इनमें विद्यार्थी, किसान, श्रमिक, महिलाएं, स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, पशुपालक, बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिनिधि, वीर नारियां, सफाई मित्र, योग शिक्षक, राजमिस्त्री, जनजातीय छात्राएं और वृद्धजन शामिल रहे। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य उन लोगों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देना रहा, जो अपने-अपने क्षेत्र में समाज और जिले के विकास में भूमिका निभा रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में सुबह 9 बजकर 5 मिनट पर ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान, परेड और अन्य सांस्कृतिक एवं देशभक्ति से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान विशिष्ट अतिथियों को समारोह में विशेष स्थान दिया गया। खास बात यह रही कि अतिथियों का चयन उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सामुदायिक योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया। इससे समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी दिखाई दी और स्वतंत्रता दिवस का आयोजन आम नागरिकों से और अधिक जुड़ा हुआ नजर आया।
जिला प्रशासन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनाया। संध्या सिंह, सरिका सिंह, आंचल सिंह, संगीता बैगा, कलावती बैगा और सरिता सिंह को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-जनमन के लाभार्थी मानवती बैगा और वीरसाय बैगा को भी विशेष अतिथि बनाया गया। थर्ड जेंडर समुदाय से रोजी नायक तथा अधिवक्ता संघ सीधी के अध्यक्ष हजेंद्र सिंह को भी समारोह में स्थान दिया गया।
यह पहल इस लिहाज से महत्वपूर्ण रही कि समारोह में समाज के अलग-अलग सामाजिक समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई। विद्यार्थियों को आमंत्रित करने के पीछे उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करना और अन्य विद्यार्थियों के सामने उन्हें प्रेरणा के रूप में प्रस्तुत करना भी माना जा रहा है। वहीं जनजातीय समुदाय से जुड़े लोगों को समारोह में विशेष स्थान देकर प्रशासन ने जिले की सामाजिक विविधता को भी मंच पर जगह दी।
महिला सशक्तिकरण और आजीविका के क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं को भी इस बार विशेष पहचान दी गई। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी 15 महिलाओं को समारोह में आमंत्रित किया गया। इनमें श्यामवती केवट, राजमती सिंह, कलावती सिंह, मंजू सिंह, प्रेमवती सिंह, चन्द्रवती साकेत, अंजुला दहिया, मनोरमा सिंह, सीता साकेत, सुनीता रजक, उर्मिला विश्वकर्मा, रामरती केवट, राजकली साकेत, संगीता मिश्रा और गीता संधिया शामिल रहीं।
ये महिलाएं अलग-अलग स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आजीविका गतिविधियों, महिला सशक्तिकरण और सामुदायिक विकास से जुड़ी हुई हैं। समारोह में इन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थान देना इस बात का संकेत रहा कि स्थानीय स्तर पर महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामूहिक प्रयासों को भी सार्वजनिक सम्मान दिया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाएं छोटे व्यवसाय, उत्पादन और अन्य आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं।
सीधी के ग्रामीण और कृषि आधारित समाज को ध्यान में रखते हुए कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र से जुड़े नागरिकों को भी समारोह में आमंत्रित किया गया। सीता प्रसाद लोनी, नरेन्द्र कुमार सिंह, सुरेन्द्र कुमार साहू, सरोज सिंह और आशा सिंह को विशिष्ट अतिथि बनाया गया। इनमें प्राकृतिक खेती, ड्रैगन फ्रूट की खेती और पशुपालन जैसी गतिविधियों से जुड़े नागरिक शामिल हैं।
इसके अलावा शासकीय कृषि प्रक्षेत्र समदा में सेवाएं देने वाले रामप्रसाद उपाध्याय, रामलखन विश्वकर्मा, रामफल यादव, फूलकुमारी साहू, संगीता बैगा, चन्द्रवती सिंह और प्रमिला सिंह को भी समारोह में विशेष स्थान दिया गया। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को सम्मानित करने की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खेती-किसानी से जुड़े योगदान को पहचान देने के रूप में देखी जा रही है।
समारोह में जनजातीय छात्रावास की छात्राओं को भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल किया गया। गुड़िया कोरी, अर्चिता कोल, अनुसुइया पनिका, दिव्या कोल, रन्नू कोल, अनुपमा साकेत, सुहानी कोल, प्रियंका कोल, सोनम वंसल और शांति वंसल को समारोह में आमंत्रित किया गया।
छात्राओं को इस तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम में सम्मानित भूमिका देना उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा के महत्व का संदेश भी देता है। खासतौर पर जनजातीय समुदाय की छात्राओं की भागीदारी ने समारोह को सामाजिक विविधता के लिहाज से और व्यापक बनाया।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रसेवा और बलिदान से जुड़े परिवारों को सम्मान देना समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। वीर नारियों सावित्री देवी, जुकु देवी, राधा देवी, रामकली, सविता द्विवेदी, सुनीता सिंह, सत्यचिदानंद सिंह, आशा देवी और सावित्री मिश्रा को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।
वीर नारियों की मौजूदगी ने समारोह में राष्ट्रसेवा और त्याग की भावना को विशेष रूप से सामने रखा। प्रशासन की ओर से उन्हें विशिष्ट अतिथि के रूप में स्थान देना उन परिवारों के योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक रहा, जिन्होंने देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में समाज के ऐसे कामगारों को भी स्थान मिला, जिनका योगदान रोजमर्रा के जीवन में महत्वपूर्ण है। बैंकिंग क्षेत्र से शैलेन्द्र कुमार राय और अमित कुमार को आमंत्रित किया गया। कलेक्टोरेट एवं निर्माण कार्यों से जुड़े नित्यानंदन राय तथा हाउसिंग बोर्ड में राजमिस्त्री के रूप में कार्य करने वाले राजे कोल और फूलवती कोल भी विशिष्ट अतिथियों में शामिल रहे।
नगर की स्वच्छता व्यवस्था में योगदान देने वाले सफाई मित्र योगेश भारती को भी समारोह में विशेष स्थान दिया गया। वहीं 3R आधारित कलाकृतियों से जुड़ी बीना जायसवाल को भी आमंत्रित किया गया। इससे यह संदेश गया कि शहर को साफ रखने, निर्माण कार्यों में योगदान देने और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से समाज में भूमिका निभाने वाले लोगों का काम भी सम्मान के योग्य है।
स्वास्थ्य और योग के क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी जिला प्रशासन ने सम्मान की श्रेणी में शामिल किया। योग के क्षेत्र से सुजाता मिश्रा, प्रद्युम्न पटेल और ब्रह्मकुमारी शैला को विशिष्ट अतिथि बनाया गया। वहीं वृद्धाश्रम से जुड़े जग्गा कोल, शोभनाथ जायसवाल, जयकरण बैगा, रामकली बैगा और फूल कुमारी साकेत को भी समारोह में आमंत्रित किया गया।
वृद्धजनों को स्वतंत्रता दिवस के जिला स्तरीय कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल करना पीढ़ियों के बीच सम्मान और सामाजिक जुड़ाव का संदेश देता है। वहीं योग शिक्षकों की मौजूदगी ने स्वस्थ जीवनशैली और योग के महत्व को भी समारोह से जोड़ा।
सीधी के स्वतंत्रता दिवस समारोह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि प्रशासन ने विशिष्ट अतिथियों की सूची में समाज के अलग-अलग वर्गों को शामिल किया। विद्यार्थी से लेकर किसान तक, स्व-सहायता समूह की महिलाओं से लेकर जनजातीय छात्राओं तक, सफाई मित्र से लेकर राजमिस्त्री तक और वीर नारियों से लेकर वृद्धजनों तक अलग-अलग क्षेत्रों में योगदान देने वाले नागरिकों को समारोह में विशेष पहचान मिली।
इस पहल से स्वतंत्रता दिवस समारोह केवल सरकारी आयोजन तक सीमित न रहकर समाज की व्यापक भागीदारी वाला कार्यक्रम दिखाई दिया। जिला प्रशासन की ओर से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि जिले के विकास में केवल बड़े पदों पर बैठे लोगों की ही भूमिका नहीं होती, बल्कि विद्यार्थी, किसान, श्रमिक, महिलाएं, सफाई कर्मचारी, कारीगर, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक भी अपने-अपने स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
संध्या सिंह, सरिका सिंह, आंचल सिंह, संगीता बैगा, कलावती बैगा, सरिता सिंह, मानवती बैगा, वीरसाय बैगा, रोजी नायक, हजेंद्र सिंह, श्यामवती केवट, सीता प्रसाद लोनी, नरेन्द्र कुमार सिंह, सुरेन्द्र कुमार साहू, सरोज सिंह, आशा सिंह, रामप्रसाद उपाध्याय, रामलखन विश्वकर्मा, रामफल यादव, फूलकुमारी साहू, संगीता बैगा, चन्द्रवती सिंह, प्रमिला सिंह, राजमती सिंह, कलावती सिंह, मंजू सिंह, प्रेमवती सिंह, चन्द्रवती साकेत, अंजुला दहिया, मनोरमा सिंह, सीता साकेत, सुनीता रजक, उर्मिला विश्वकर्मा, रामरती केवट, राजकली साकेत, संगीता मिश्रा, गीता संधिया, गुड़िया कोरी, अर्चिता कोल, अनुसुइया पनिका, दिव्या कोल, रन्नू कोल, अनुपमा साकेत, सुहानी कोल, प्रियंका कोल, सोनम वंसल, शांति वंसल, सावित्री देवी, जुकु देवी, राधा देवी, रामकली, सविता द्विवेदी, सुनीता सिंह, सत्यचिदानंद सिंह, आशा देवी, सावित्री मिश्रा, शैलेन्द्र कुमार राय, अमित कुमार, नित्यानंदन राय, राजे कोल, फूलवती कोल, योगेश भारती, बीना जायसवाल, सुजाता मिश्रा, प्रद्युम्न पटेल, ब्रह्मकुमारी शैला, जग्गा कोल, शोभनाथ जायसवाल, जयकरण बैगा, रामकली बैगा और फूल कुमारी साकेत।
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