
भोपाल। बारिश के बाद खेतों में फसलों की बढ़वार के लिए यूरिया की मांग बढ़ गई है। ऐसे समय में किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है। राजगढ़ जिले में गुरुवार को यूरिया नहीं मिलने से नाराज किसानों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। राजगढ़ शहर के आसपास के करीब दर्जनभर गांवों से किसान खाद लेने के लिए कलेक्टोरेट के सामने स्थित विपणन सहकारी संस्था पहुंचे थे। किसानों का कहना था कि वे कई बार खाद लेने के लिए प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
काफी देर इंतजार के बाद भी जब किसानों को खाद नहीं मिली तो उनका गुस्सा बढ़ गया। नाराज किसानों ने संस्था के बाहर रखे बैरिकेड और कुछ बाइकें जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर रख दीं और सड़क पर बैठकर रास्ता रोक दिया। अचानक हुए प्रदर्शन के कारण हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
खाद नहीं मिलने से बढ़ रहा किसानों का आक्रोश
किसानों का कहना था कि बारिश के बाद खेतों में फसल को यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसल की बढ़वार प्रभावित होने की चिंता किसानों को सता रही है। किसानों के मुताबिक, वे सुबह से खाद लेने के लिए संस्था पहुंचे थे, लेकिन वहां स्टॉक उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी गई। लगातार खाद के लिए चक्कर लगाने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसानों ने प्रदर्शन का रास्ता अपनाया।
किसानों के प्रदर्शन के दौरान हाईवे पर कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सड़क पर बैरिकेड और बाइकें रखे जाने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह रुक गया। पुलिस की मौजूदगी में किसानों से बातचीत की गई। करीब आधे घंटे के प्रदर्शन के बाद किसानों ने रास्ता खोल दिया, जिसके बाद हाईवे पर यातायात सामान्य हो सका।
सहकारी संस्था में नहीं था यूरिया का स्टॉक
जिला विपणन अधिकारी के अनुसार, संबंधित विपणन सहकारी संस्था में करीब एक हजार मीट्रिक टन तक खाद रखने की क्षमता है, लेकिन गुरुवार को संस्था के पास यूरिया का स्टॉक उपलब्ध नहीं था। अधिकारी ने बताया कि दूसरी जगह से खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
अधिकारियों का कहना है कि खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, बाजार में यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायत मिलती है तो संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने किसानों से भी निर्धारित दर पर ही खाद खरीदने और अधिक कीमत मांगने पर संबंधित विभाग को शिकायत करने की अपील की है।
निजी दुकानों से निर्धारित दर पर खाद दिलाने का दावा
कृषि विभाग के सहायक संचालक प्रहलाद सिंह बारेला ने बताया कि गुरुवार को राजगढ़ के सहकारी गोदाम में खाद का स्टॉक नहीं होने के कारण कुछ किसानों ने प्रदर्शन किया था। मामले की जानकारी मिलने के बाद किसानों को निजी दुकानों से निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
अधिकारी के अनुसार, विभाग की कोशिश है कि किसानों को खाद के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और उपलब्ध स्टॉक का वितरण निर्धारित प्रक्रिया एवं दर के अनुसार किया जाए। इसके साथ ही बाजार में खाद की कालाबाजारी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
बारिश के बाद बढ़ी यूरिया की मांग
बारिश के बाद प्रदेश के कई इलाकों में किसानों को फसलों के लिए यूरिया की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में खाद की मांग बढ़ने के साथ ही इसकी उपलब्धता को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। राजगढ़ की घटना इस बात का संकेत है कि यदि समय पर खाद की आपूर्ति नहीं हुई तो आने वाले दिनों में किसानों का आक्रोश और बढ़ सकता है।
किसानों की मांग है कि सहकारी समितियों और सरकारी गोदामों में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें खाद के लिए निजी दुकानों के चक्कर न लगाने पड़ें। किसानों का कहना है कि खेती के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी उनके लिए बड़ी परेशानी बन सकती है।
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