
भोपाल। माधव नगर थाना क्षेत्र स्थित नारायण प्रोडक्ट दाल मिल में शनिवार सुबह काम के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। दाल मिल में मजदूरी करने वाली 28 वर्षीय महिला मशीन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान यादव मोहल्ला निवासी प्रियंका यादव, पति जुगल यादव के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया। प्रियंका अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं, जो अभी नाबालिग हैं।
काम के दौरान मशीन की चपेट में आई महिला
जानकारी के अनुसार प्रियंका यादव नारायण प्रोडक्ट दाल मिल में मजदूरी करती थीं। शनिवार सुबह वह रोज की तरह काम पर पहुंची थीं। काम के दौरान वह अचानक मिल में लगी मशीन की चपेट में आ गईं। हादसा इतना गंभीर था कि महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मिल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और महिला किस तरह मशीन की चपेट में आईं, इसकी पूरी जानकारी पुलिस की जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। पुलिस घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
तीन नाबालिग बच्चों के सिर से उठा मां का साया
प्रियंका यादव की मौत के बाद उनके तीन बच्चों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। मृतका के दो बेटियां और एक बेटा है और तीनों नाबालिग बताए जा रहे हैं। परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर है। ऐसे में परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत के बाद बच्चों के भविष्य और भरण-पोषण को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि उनके पास प्रियंका के अंतिम संस्कार तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं। परिवार ने प्रशासन और समाज के लोगों से तत्काल आर्थिक मदद की अपील की है, ताकि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
परिजनों ने मिल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
हादसे के बाद मृतका के परिजनों ने मिल प्रबंधन को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद मिल मालिक मृतका के शव को घर छोड़कर मौके से चला गया। उनका कहना है कि घटना के बाद परिवार को मिल प्रबंधन की ओर से अब तक किसी तरह की आर्थिक सहायता नहीं दी गई है।
परिजनों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। साथ ही उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच किए जाने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
उचित मुआवजे की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मदद की मांग की है। परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए तत्काल अंतिम संस्कार के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही तीनों नाबालिग बच्चों के भविष्य को देखते हुए परिवार को उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा दिलाया जाए।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जाए। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच
मामले में माधव नगर थाना प्रभारी शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है।
पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किस परिस्थिति में हुआ और इसमें किसी तरह की लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई थी या नहीं। फिलहाल पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की जांच कर रही है।
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