MP: सागर जहरीली शराब कांड! नकली शराब के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा, 36 मौतों के बाद सामने आया VIDEO

दिल्ली से केमिकल, ग्वालियर से बोतल और पैकेजिंग; ततरवारा में तैयार होती थी नकली शराब, बंडा समेत आसपास के इलाकों में होती थी सप्लाई
MP: सागर जहरीली शराब कांड! नकली शराब के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा, 36 मौतों के बाद सामने आया VIDEO
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भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है। मामले की जांच में पुलिस ने नकली शराब तैयार करने वाले एक कथित अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा किया है। इस नेटवर्क की कड़ियां दिल्ली, ग्वालियर, मुरैना और कानपुर तक जुड़ी होने की बात पुलिस जांच में सामने आई है। इसी बीच नकली शराब तैयार करने वाले ठिकाने का वीडियो भी सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक, नेटवर्क में अलग-अलग जगहों पर अलग-अलग काम किया जाता था। दिल्ली से केमिकल, ग्वालियर से खाली बोतलें और पैकेजिंग सामग्री मंगाई जाती थी। इसके बाद सागर के ततरवारा में कथित तौर पर शराब का घोल तैयार कर उसे बोतलों में भरकर पैक किया जाता था। तैयार पेटियां बंडा और आसपास के इलाकों में भेजी जाती थीं।

दिल्ली से 5 ड्रम में आया केमिकल

जांच में सामने आया है कि नकली शराब तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला केमिकल दिल्ली से सागर भेजा गया था। पुलिस के मुताबिक, 5 प्लास्टिक ड्रम में औद्योगिक स्पिरिट और थिनर भेजे गए थे।

इस मामले में दिल्ली की RN केमिकल्स फर्म के मालिक अनुपम गिरी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उसने सागर ट्रांसपोर्ट के जरिए केमिकल भेजे जाने की जानकारी दी है। जांच में इस्तेमाल किए गए लिक्विड के थिनर होने की जानकारी भी सामने आई है।

ग्वालियर में तैयार होती थीं बोतलें और पैकेजिंग

पुलिस की जांच के अनुसार नकली शराब के लिए बोतल और पैकेजिंग तैयार करने का काम ग्वालियर में किया जाता था। बहोड़ापुर क्षेत्र के जेवरा का पुरा में राजू सेंगर के ठिकाने से 11,050 खाली बोतलें, 'बॉम्बे' लिखी डाई और कैप्सूल बरामद किए गए हैं।

वहीं राय कॉलोनी में पंकज राय की कथित अवैध फैक्ट्री पर कार्रवाई के दौरान 180 एमएल की ब्रांडेड और प्लेन बोतलें बनाने वाली चार डाई मशीनें जब्त की गईं। पुलिस को यहां बोतलों की प्रिंटिंग, नकली स्टिकर और QR कोड से जुड़ा सेटअप भी मिला।

जांच के मुताबिक, ग्वालियर से खाली बोतलें और पैकेजिंग सामग्री प्लास्टिक की बोरियों में भरकर सागर भेजी जाती थीं।

ततरवारा में तैयार होती थी नकली शराब

पुलिस के अनुसार, शिवांजय और रोहित ने करणी सेना के संभागीय अध्यक्ष चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू राजा को नकली शराब बनाने का आइडिया दिया था। इसके बाद कथित तौर पर चंद्रभान ने ततरवारा स्थित अपने घर पर दिनेश शिवहरे को शराब तैयार करने की जिम्मेदारी दी।

कच्चा माल ततरवारा तक पहुंचाने के लिए मक्का के खेतों के रास्ते का इस्तेमाल किए जाने की बात पुलिस ने कही है। ठिकाने पर केमिकल और अन्य कच्चे माल से घोल तैयार किया जाता था। इसके बाद घोल को बोतलों में भरकर ढक्कन लगाए जाते और पैकिंग के बाद पेटियां तैयार की जाती थीं।

'सागर गोल्ड' और 'बंबड्या व्हिस्की' के नाम से पैकेजिंग

पुलिस जांच में सामने आया है कि कथित गिरोह ने 'सागर गोल्ड' और 'बंबड्या व्हिस्की' के नाम से नकली बोतलें, रेपर, QR कोड और पैकेजिंग तैयार की थी। तैयार बोतलों को पेटियों में पैक कर बंडा और आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जाता था।

पुलिस के मुताबिक चंद्रभान दिखाता था रसूख

पुलिस के अनुसार, ततरवारा में चंद्रभान सिंह राजपूत का प्रभाव था। वह खुद को सरपंच बताकर लोगों पर दबदबा दिखाता था। पुलिस का कहना है कि करणी सेना का संभागीय अध्यक्ष होने और बड़े नेताओं से पहचान का हवाला देकर वह अपना प्रभाव दिखाता था।

पुलिस जांच में दावा किया गया है कि इसी कथित दबदबे के कारण गिरोह ने ततरवारा में शराब तैयार करने का ठिकाना बनाया।

मुरैना और ग्वालियर में पहले भी सक्रिय था नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया है कि कथित नेटवर्क पहले मुरैना और ग्वालियर में नकली शराब तैयार कर सप्लाई कर चुका था। पुलिस ने मुरैना से ललित उर्फ छोटू शिवहरे, विक्रम जाटव, राजकुमार उर्फ लल्ला जाटव और टिंकू जाटव को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने मुरैना, ग्वालियर और दिल्ली से भी आरोपियों को गिरफ्तार कर सागर लाया है। शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़े गए रवि लखेरा और शिवांजय सिंह राजपूत से भी पूछताछ की जा रही है।

शराब का टेस्ट करने वाले की मौत, साथी की आंखों की रोशनी गई

पुलिस की जांच के मुताबिक, ततरवारा में तैयार की गई कथित नकली शराब की गुणवत्ता जांचने के लिए दिनेश शिवहरे ने खुद शराब पी थी। उसके साथी देवा जाटव ने भी इसका सेवन किया। इसके बाद दोनों की तबीयत बिगड़ गई।

दिनेश को 4 सितंबर को सागर के बंसल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस के मुताबिक, हालत बिगड़ने के बाद 5 सितंबर को उसकी मौत हो गई। वहीं देवा जाटव की आंखों की रोशनी चले जाने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, चंद्रभान और उसके साथी दिनेश को अस्पताल देखने भी पहुंचे थे। जांच में आरोप है कि उन्हें शराब के जहरीले होने की जानकारी थी, लेकिन कार्रवाई के डर से उन्होंने इसकी जानकारी छिपाई।

परिवार से भी छिपाई गई मौत की असली वजह

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दिनेश की मौत की असली वजह उसके परिवार से छिपाई गई। परिवार को बताया गया कि उसकी मौत हार्ट अटैक से हुई है।

मुरैना की आदर्श कॉलोनी निवासी दिनेश का सगा भाई ललित उर्फ छोटू शिवहरे भी इस मामले में आरोपी है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों, केमिकल की सप्लाई, नकली पैकेजिंग और शराब की वितरण श्रृंखला की जांच कर रही है।

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