
जमशेदपुर- रांची जिला पुलिस बल के प्रशिक्षु आरक्षी बजरंगी यादव (35 वर्ष) की सीटीसी मुसाबनी में बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान तबीयत बिगड़ने पर इलाज के अभाव में मौत हो गई। मंगलवार 7 अप्रैल को उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें पहले यूसीआईएल अस्पताल, जादूगोड़ा ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर किया गया। एमजीएम अस्पताल पहुंचते-पहुंचते बजरंगी यादव की मौत हो गई। मृतक मूल रूप से साहेबगंज जिले के जयप्रकाश चौक, सकरोगढ़ का रहने वाला था और उसके पीछे पत्नी व तीन छोटे छोटे बच्चे हैं।
बजरंगी यादव बीमार चल रहे थे। उन्होंने करीब 10 दिन पहले छुट्टी के लिए आवेदन दिया था, लेकिन सीटीसी मुसाबनी की प्रभारी सब-इंस्पेक्टर पूनम कुमारी मिंज ने उनका आवेदन समय पर वरिष्ठ अधिकारियों तक नहीं पहुंचाया और छुट्टी स्वीकृत नहीं की गई। मंगलवार को भी बजरंगी यादव छुट्टी के लिए कार्यालय गए और करीब दो घंटे तक वहां रुके रहे, लेकिन छुट्टी नहीं मिली। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। जवानों का आरोप है कि कई बार छुट्टी की अर्जियां दी जाती हैं, लेकिन पूनम मिंज उन्हें आगे नहीं भेजती हैं।
बजरंगी यादव की मौत की सूचना मिलते ही सीटीसी मुसाबनी में प्रशिक्षणरत जवान आक्रोशित हो गए। गुस्साए जवानों ने काफी हंगामा किया और एएसआई पूनम कुमारी मिंज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। हंगामे को देखकर सीटीसी मुसाबनी के पुलिस पदाधिकारी हैरान रह गए। इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक, सीटीसी स्वासपुर, मुसाबनी ने तत्काल कार्रवाई की।
आरक्षी बजरंगी यादव का अवकाश स्वीकृत न करने के संबंध में सब-इंस्पेक्टर पूनम कुमारी मिंज से स्पष्टीकरण मांगा गया। उनका दिया गया स्पष्टीकरण असंतोषजनक पाया गया। स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन और आदेशोलंघन के आरोप में पूनम कुमारी मिंज को 8 अप्रैल 2026 के अपराह्न से तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सीटीसी स्वासपुर, मुसाबनी ही रहेगा।
मृतक के भाई राजकुमार यादव ने बताया कि बजरंगी यादव चार-पांच दिनों से बीमार थे और उन्होंने एएसआई पूनम कुमारी मिंज को अवकाश के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अस्वस्थता के बावजूद उन्हें छुट्टी नहीं दी गई और काम पर लगाए रखा गया। 7 अप्रैल को तबीयत अत्यंत बिगड़ने पर उन्हें यूसीआईएल अस्पताल, जादूगोड़ा में भर्ती कराया गया, फिर एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। राजकुमार यादव ने उपायुक्त, पूर्वी सिंहभूम को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि पूरे प्रकरण की गहन जांच कराई जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, बजरंगी यादव की ट्रेनिंग डायरी सुरक्षित रखी जाए और उसकी जानकारी परिवार को दी जाए। साथ ही मृतक की पत्नी व बच्चों को नौकरी, पुलिस स्वस्थ पैकेज और झारखंड पुलिस द्वारा मृत्यु के बाद दी जाने वाली सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इस पत्र की प्रतियां मुख्यमंत्री झारखंड सरकार, पुलिस महानिदेशक झारखंड, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) नई दिल्ली और डीआईजी को भी भेजी गई हैं।
झारखंड पुलिस मेन्स एसोसिएशन ने भी अपर पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण), झारखंड, रांची को पत्र लिखा है। एसोसिएशन के महामंत्री रमेश उरांव पत्र में कहा गया है कि सीटीसी मुसाबनी में प्रशिक्षणरत आरक्षी बजरंगी यादव लंबे समय से बीमार थे, उन्होंने इलाज के लिए अवकाश मांगा था लेकिन प्रशासन ने अवकाश नहीं दिया। इससे उचित इलाज नहीं हो सका और इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। इससे प्रशिक्षुओं में काफी आक्रोश है। एसोसिएशन ने उच्च स्तरीय जांच समिति गठित कर जांच कराने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है।
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