
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले में एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां जयनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गड़ियाई बिरहोर टोले से 10 बच्चे रहस्यमय तरीके से लापता हो गए हैं। इन मासूमों की उम्र 6 से 12 साल के बीच बताई जा रही है। ये सभी बच्चे 1 फरवरी से गायब हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शुक्रवार को एक प्राथमिकी दर्ज कर बच्चों की तलाश के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है।
गौरतलब है कि बिरहोर एक 'विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह' (PVTG) है और यह झारखंड की सबसे संवेदनशील आबादी में से एक है। गड़ियाई बिरहोर टोले में लगभग 50 परिवार निवास करते हैं।
भोज में शामिल होने गए थे बच्चे
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, घटना 1 फरवरी की है। बच्चे अपने परिजनों के साथ अपनी बस्ती से करीब 3 किलोमीटर दूर परसाबाद में आयोजित एक दावत (भोज) में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़े-बुजुर्ग तो वापस घर लौट आए, लेकिन बच्चे वापस नहीं पहुंचे। शुरुआत में परिवारों को लगा कि बच्चे शायद वहीं किसी रिश्तेदार के पास रुक गए होंगे या आसपास ही खेल रहे होंगे। लेकिन जैसे-जैसे दिन बीतते गए और बच्चों का कोई सुराग नहीं मिला, पूरे टोले में डर का माहौल पैदा हो गया।
पंचायत मुखिया की पहल पर जगी प्रशासन की नींद
बच्चों के न मिलने पर परेशान माता-पिता ने कुछ दिनों बाद बेरोगाई पंचायत के मुखिया राजेंद्र प्रसाद यादव से संपर्क किया और उन्हें आपबीती सुनाई। मामले की जानकारी मिलते ही मुखिया ने तुरंत स्थानीय प्रखंड विकास कार्यालय (BDO) और पुलिस को सचेत किया।
हालांकि, शुक्रवार को ही व्यथित अभिभावकों ने आधिकारिक तौर पर थाने में शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने शुक्रवार को बस्ती का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया।
लापता बच्चों की पहचान
लापता 10 बच्चों में से 9 के नाम और विवरण पुलिस को प्राप्त हो गए हैं, जो इस प्रकार हैं:
राजेश बिरहोर के दो बच्चे: 7 वर्षीय निशा कुमारी और 5 वर्षीय रमेश कुमार।
केला बिरहोर की 8 वर्षीय बेटी सजनी बिरहोर।
धनकु बिरहोर के चार बच्चे: बिरजू, मिथुन, शिवानी और कल्पना।
सुरेश बिरहोर की 8 वर्षीय बेटी रेखा बिरहोर।
बुधन बिरहोर की 6 वर्षीय बेटी अनीशा बिरहोर।
पुलिस की कार्रवाई और प्रतिक्रिया
कोडरमा के एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि बच्चों को ट्रैक करने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। वहीं, डीएसपी रति भान सिंह ने कहा, "एसपी के निर्देशों पर कई टीमें बनाई गई हैं। हमने जांच शुरू कर दी है और जल्द ही बच्चों को बरामद कर लेंगे।"
स्थानीय जिला परिषद सदस्य केदारनाथ यादव ने तत्काल और आक्रामक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि झारखंड भर में हाल ही में बच्चों के लापता होने की घटनाओं ने लोगों में "डर" और असुरक्षा की भावना को बढ़ा दिया है, इसलिए प्रशासन को मुस्तैदी दिखानी होगी।
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